देहरादून- 2 माह में एक दीवार तक पार नहीं कर पाई शासन की चिट्ठी, अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश का मामला

रीब दो माह से शासन की एक चिट्ठी एक दीवार पार कर पुलिस मुख्यालय तक नहीं पहुंच पाई। यह 40वीं वाहिनी पीएसी के दलनायक की अनिवार्य सेवानिवृत्ति का आदेश था। नतीजा यह हुआ कि जिस कर्मचारी की सेवाएं दिसंबर में समाप्त हो जानी थी, वह अब तक नौकरी करता रहा। ऐसे में गत चार फरवरी को आईजी पीएसी को शासन की अनुमति से दोबारा आदेश करने पड़े। मामले की जांच बैठा दी गई है।

जानकारी के अनुसार 40वीं वाहिनी पीएसी में तैनात दलनायक खजांची लाल पर पिछले साल कई अनियमितताओं के आरोप लगे थे। मामले में विभागीय जांच की गई तो इन आरोपों की पुष्टि हो गई। विभागीय जांच के बाद गृह विभाग ने भी इसकी अपने स्तर से जांच कराई और उसकी अनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश मुख्यमंत्री के अनुमोदन पर कर दिए। यह आदेश गत 16 दिसंबर 2025 को हुआ था। सामान्य तौर इस तरह के आदेश दो-चार दिनों में पुलिस मुख्यालय तक पहुंच जाते हैं। बावजूद इसके ऐसा नहीं हुआ।

ऐसे में इसकी भनक जब विभागीय अधिकारियों को लगी तो गत चार फरवरी को एक आदेश आईजी पीएसी के स्तर से खजांची लाल की सेवानिवृत्ति का कर दिया गया। डीजीपी दीपम सेठ ने बताया कि यह गंभीर प्रकरण है। इस मामले में जांच डीआईजी पीएसी मुकेश कुमार को दी गई है। उनसे जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी गई है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि ऐसा क्यों हुआ। कहीं बीच में आदेश किन्हीं गलत हाथों में तो नहीं पड़ गया।

और पढ़े  हरिद्वार: दिल दहला देनी वाली वारदात, बेटे ने खोया आपा, बेरहमी से पिता के सिर पर किए डंडे से वार
  • Related Posts

    अल्मोड़ा- पहाड़ की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था, भेंट चढ़ी 3 जिंदगियां: 3 दिन तक भटका परिवार, नहीं बचे जुड़वा बच्चे और मां

    पहाड़ों के कठिन जीवन व बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की भेंट इस बार एक गर्भवती  चढ़ी है। इनोलू गांव की गर्भवती निशा को बचाने की कोशिश में उसका परिवार तीन दिन…

    उत्तरकाशी: DM ने डख्याट गांव में लगाई चौपाल, सुनी समस्याएं, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने शनिवार को अपने दो दिवसीय यमुना घाटी भ्रमण के दौरान विकासखंड नौगांव के डख्याटगांव स्थित मंदिर प्रांगण में ग्रामीण चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। जिलाधिकारी…