विधायक ने मंत्री से जल जीवन मिशन के तहत जिले में खोदी गई सड़कों की बदहाली की बात कही। पुलिस-प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कलक्ट्रेट में विधायक, मंत्री और अफसरों के बीच बैठक हुई। समस्या के निदान का आश्वासन देकर जलशक्ति मंत्री वहां से रवाना हुए।
शहर के रामश्री महाविद्यालय में एक कार्यक्रम के बाद मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का काफिला दोपहर करीब 3:30 बजे छतरपुर रोड पर पहुंचा। वहां चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत ने 100 प्रधानों के साथ उनके काफिले के आगे करीब 50 कार व बाइकें खड़ी कर दीं। विधायक ने मंत्री से विधानसभा क्षेत्र के 40 गांवों में पानी न पहुंचने और पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गईं सड़कों की मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई।
गांव के लोग मुझसे पूछते हैं, मैं क्या जवाब दूं’
विधायक ने कहा कि गांव के लोग मुझसे पूछते हैं, मैं क्या जवाब दूं। जलशक्ति मंत्री ने विधायक को गाड़ी में बैठाकर बात की। विधायक ने कहा कि कई गांवों के प्रधान आएं हैं। सभी के गांवों में समस्या है। विधायक ने योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। सीओ सदर अरुण कुमार सिंह व एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने समर्थकों को रास्ता छोड़ने के लिए कहा तो समर्थक उनसे भी उलझ गए।
विवाद बढ़ता देख मंत्री स्वतंत्रदेव विधायक को लेकर स्वयं कलक्ट्रेट पहुंचे। इसके बाद डीएम गजल भारद्वाज के साथ मंत्री, विधायक व प्रधानों की बैठक हुई। डीएम ने 20 दिन के अंदर खुदी सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया। तब मामला शांत हुआ और मंत्री अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हुए।
एसडीएम शिवध्यान पांडेय ने बताया कि विधायक के समर्थकों ने समस्या बताने के लिए जलशक्ति मंत्री के काफिले को रोका था। बाद में समर्थकों को अलग कर काफिले को रवाना किया गया।
मंत्री बोले- जहां शिकायत है… वहां मुझे ले चलो
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव ने विधायक बृजभूषण से कहा, जहां कोई शिकायत है, वहां मुझे लेकर चलो। उस गांव में मैं खुद चलता हूं। 40 गांवों में कहोगे तो मैं सभी जगह चेक करने चलूंगा, मेरे साथ अफसर हैं। सभी जगह देखूंगा, लापरवाही मिलने पर अफसरों को निलंबित कर दूंगा। आप मेरे साथ मेरी गाड़ी में चलिए।
विधायक बोले- काम नहीं करेंगे तो छोड़ेंगे नहीं
विधायक बृजभूषण ने कहा, मैं बातों से संतुष्ट होने वाला नहीं हूं। मैं संतुष्ट तो तब होऊंगा, जब काम पूरा होगा। जरूरत पड़ी तो जनता को लेकर लखनऊ जाऊंगा। विधानसभा में मुद्दा उठा चुका हूं। पत्राचार भी किए हैं। काम पूरा नहीं हुआ तो काफिला रोकना पड़ा। 20 दिन का आश्वासन मिला है, काम करेंगे तो अच्छी बात है, नहीं करेंगे तो हम छोड़ेंगे नहीं। यह मोदी जी की योजना है।
अखिलेश का तंज
भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, अब डिब्बे भी आपस में टकरा रहे
जलशक्ति मंत्री का काफिला रोकेने पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर तंज कसा है। उन्होंने कहा भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं। मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि विधायक अगले चुनाव में हारने वाले हैं। वैसे ये न सोचा जाए कि ये इन दोनों के बीच की ही लड़ाई है। दरअसल यह तो केवल नमूना है, हर विधानसभा क्षेत्र में यही हाल है।
इंस्पेक्टर ने दिखाई आंख तो, समर्थक बोला- खा जाओगे क्या
काफिला रोकने और झड़प के बाद जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत को अपनी गाड़ी में बैठाया। इस दौरान विधायक के समर्थकों की इंस्पेक्टर से झड़प हो गई। समर्थकों का कहना था कि पूरी बात हो जाएगी, वह तभी जाएंगे। इसी दौरान एक समर्थक इंस्पेक्टर से बोला- आंख क्यों दिखा रहे हो, खा जाओगे क्या। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा कि ऐसा नहीं है, बात तो हो रही है।
लोकसभा और राज्यसभा सांसद रह चुके हैं विधायक के पिता
जनपद महोबा की विधानसभा चरखारी से विधायक बृजभूषण राजपूत वर्ष 2017 से भाजपा के टिकट पर लगातार जीत रहे हैं। उनके पिता गंगाचरण राजपूत लोकसभा व राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। गंगाचरण और बृजभूषण राजपूत लोधी समाज का मजबूत चेहरा माने जाते हैं। यह विधानसभा लोधी बाहुल है। विधायक ने बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से बीए किया है। चरखारी विधायक उमा भारती के करीबी माने जाते हैं। वह चरखारी से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। उन्होंने वर्ष 2022 में सपा के रामजीवन को 41 हजार से अधिक वोटों से हराया था।