1 साल के बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि: डोडा में बलिदान हो गए थे रिंखिल, गांव ही नहीं DM तक रोते रहे

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म्मू के जिला डोडा में सड़क हादसे में बलिदान हुए यूपी के हापुड़ स्थित गांव भटैल निवासी जवान रिंखिल बालियान का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह गांव पहुंचा तो यहां कोहराम मच गया। परिजनों ने चींख पुकार के बीच रिंखिल के अंतिम दर्शन किए। उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। गांव में ही पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका नम नाम आंखों से अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा रिंखिल तेरा नाम रहेगा और भारत माता की जय के नारों से पूरा गांव गूंज उठा। विधायक विजयपाल आढ़ती, डीएम अभिषेक पांडेय, एसपी ज्ञानंजय सिंह और पूर्व विधायक गजराज सिंह ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।

 

शव देख पत्नी-मां हुईं बेहोश
गांव निवासी जवान रिंखिल बालियान के बालिदान होने की खबर से गांव में पिछले दो दिन से मातम छाया हुआ था। खराब मौसम के कारण शुक्रवार को शव नहीं पहुंचा तो परिजनों की आंखें इंतजार में पथरा गईं। लेकिन शनिवार सुबह करीब नौ बजे रिंखिल का पार्थिव शव सेना के ट्रक से गांव पहुंचा तो यहां चींख पुकार मच गई। पत्नी रिंकी और मां मंजू शव को देखकर मूर्छित हो गईं। भाई ऋषभ का निढाल थे। घर में मची चीत्कार और माहौल को देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

One-year-old son lit funeral pyre of his father Rinkhil sacrificed in Doda

अंतिम यात्रा में शामिल हुए सैकड़ों लोग
घर में अंतिम दर्शन के बाद पार्थिव शरीर को गांव के श्मशान ले जाया गया और यहां पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में भीड़ मौके पर मौजूद रहे। पूर्व सैनिकों ने भी पार्थिव शरीर हो श्रद्धांजलि दी। जिन गलियों ने उनकी शव यात्रा गुजरी वहां पैर रखने तक की जगह नहीं थी। छतों से महिलाएं गांव के उस जांबाज बेटे को विदा कर रही थीं, जिसने देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

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एक साल के बेटे राघव को गोद में लेकर ऋषभ ने दिलाई मुखाग्नि 
यह मंजर हर किसी को झकझोर देने वाला था। सलामी के बाद मात्र एक साल के मासूम पुत्र राघव को गोद में लेकर बलिदानी के छोटे भाई ऋषभ ने बड़े भाई की चिता में मुखाग्नि दिलाई। इस दौरान सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। हापुड़ डीएम तक अपने आंसू नहीं रोक सके और इस मंजर को देखकर उनके भी आंसू छलक आए।


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