हरिद्वार- गैर हिंदुओं का प्रवेश निषेध, रील बनाना भी पूरी तरह वर्जित…जगह-जगह लगा दिए गए बोर्ड

Spread the love

 

 

तीर्थ की मर्यादा बनाए रखने के लिए श्रीगंगा सभा ने हर की पैड़ी समेत कई घाटों पर गैर हिंदुओं के प्रवेश को निषेध कर दिया। इस बारे में शुक्रवार को विभिन्न जगहों पर बैनर व बोर्ड लगा दिए गए हैं। श्रीगंगा सभा ने ब्रिटिश हुकूमत में लागू म्यूनिसपल एक्ट के तहत यह कदम उठाया है। बोर्ड में स्पष्ट रूप से चेतावनी लिखी गई है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी।

हरकी पैड़ी समेत मालवीय द्वीप व अन्य घाटों पर लगे इन बैनरों की शुक्रवार को लोगों को चर्चा रही। इसमें श्रीगंगा सभा ने स्पष्ट तौर पर लिख दिया कि घाटों पर किसी तरह से फिल्मी गीत पर वीडियो या रील्स बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि किसी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर इस तरह के वीडियो प्रसारित होते दिखे तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। मामले को लेकर प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। वहीं व्यापारी से लेकर आमजन इसे सनातन की रक्षा में उठाया गया कदम बता रहे हैं।

 

बोर्ड लगाने का उद्देश्य है कि बीते दिनों हुई घटनाओं को लेकर अब सजग रहना होगा। सभी को समझना होगा कि तीर्थ की मर्यादा क्या है और यहां आने से पहले किन नियमों का अनुपालन करना है। सनातन धर्म के साथ हो रहे खिलवाड़ को अभी पूरी दुनिया ने देखा है इसके संरक्षण की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। – नितिन गौतम, अध्यक्ष, श्रीगंगा सभा 

 

 

 

महामना ने किया था श्रीगंगा सभा का गठन

और पढ़े  देहरादून- खुल गया नौकरियों का पिटारा, समूह ग की 2000 से अधिक पदों पर 14 भर्ती परीक्षाओं का कलेंडर जारी

महामना मदन मोहन मालवीय ने गंगा नदी के अविरल धारा को बनाए रखने के लिए सन् 1916 में तीर्थ पुरोहितों और महंतों के साथ मिलकर श्रीगंगा सभा का गठन किया था। उन्होंने अंग्रेजों के बनाए जा रहे बांधों और बाधाओं से गंगा के पवित्र स्वरूप को बचाने की दिशा में यह कदम उठाया था। वह इसमें कामयाब भी हुए जिससे आज तक गंगा की धारा अविरल बह रही है।

अंग्रेजों ने माना था सबसे पवित्र स्थान

हरिद्वार शहर को अंग्रेजों ने भी पवित्र और हिंदू सनातन संस्कृति के लिए महत्वपूर्ण माना था। उन्होंने न केवल अपने शासन काल में इसे म्यूनिसिपल का दर्जा दिया, बल्कि एक्ट बनाकर बायलॉज में लिख दिया कि इस क्षेत्र के तीन किलोमीटर के दायरे में न तो मांस मदिरा का कोई सेवन कर सकता है न ही बिक्री होगी।


Spread the love
  • Related Posts

     देहरादून: सोमनाथ में PM के रोड शो में छाया दून का डमरू मंडल, प्रस्तुति से सभी का ध्यान खींचा

    Spread the love

    Spread the loveसोमनाथ अमृत महोत्सव में सोमवार को दून का भैरवनाथ डमरू मंडल छाया रहा। दून के डमरू मंडल ने न सिर्फ प्रस्तुति से सभी को अपनी ओर आकर्षित किया…


    Spread the love

    ऋषिकेश- तीर्थनगरी में 2100 से ज्यादा की बधाई नहीं ले सकेंगे किन्नर, मुंह मांगा पैसा मांगने पर था विवाद

    Spread the love

    Spread the loveनगर निगम में बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें कई प्रस्तावों पर मुहर लगी। तीर्थनगरी में अब शादी ब्याह, बालक के जन्म और अन्य त्योहारों पर किन्नर 2100…


    Spread the love