कपसाड़ कांड: रूबी बालिग या नाबालिग…कॉलेज की प्रधानाचार्य ने कही ये बात, इस दावे से उलझी पुलिस

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मेरठ के सरधना थाना इलाके के कपसाड़ गांव में हत्या और अपहरण कांड की जांच जारी है। जांच के केंद्र में आरोपी पारस और अपहृत लड़की रूबी की उम्र को लेकर उठे विवाद हैं। दोनों के परिवार वाले अपने-अपने पक्ष को नाबालिग साबित करने में जुटे हैं जिससे पुलिस की जांच उलझ गई है। पुलिस अब हर पहलू से सबूत जुटा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

इस सनसनीखेज मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती पारस और रूबी की सही उम्र का पता लगाना है। पारस के अधिवक्ता संजीव उर्फ संजू राणा ने हाईस्कूल की मार्कशीट पेश कर उसे नाबालिग बताया है। वहीं रूबी के परिवार का दावा है कि वह 17 साल की है।

 

दूसरी ओर एसएसपी विपिन ताडा के अनुसार, रूबी की उम्र 20 साल है। पारस और रूबी दोनों ने गांव के ही आदर्श जनता इंटर कॉलेज में पढ़ाई की है। कॉलेज की प्रधानाचार्य मंजू देवी के मुताबिक, रूबी ने 2023 में इंटर की परीक्षा पास कर ली थी। पारस के अधिवक्ता ने भी रूबी को बालिग और पारस को नाबालिग साबित करने के लिए सबूत पेश करने की बात कही है।

 

पड़ताल के बीच यह मामला लगातार उलझ रहा
फिलहाल पुलिस की अब तक की जांच के आधार पर रूबी की उम्र 17 साल और पारस को बालिग माना जा रहा है। इसी आधार पर विवेचना आगे बढ़ रही है। हालांकि दोनों पक्षों द्वारा पेश किए जा रहे सबूतों और पुलिस की पड़ताल के बीच यह मामला लगातार उलझता नजर आ रहा है। यदि पारस नाबालिग और रूबी बालिग साबित हो जाते हैं तो विवेचना पूरी तरह से अलग दिशा में मुड़ जाएगी।

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इस जटिलता को देखते हुए पुलिस अधिकारी कानून विशेषज्ञों से विधिक राय ले रहे हैं। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने स्पष्ट किया है कि दोनों की उम्र को लेकर पुलिस हर संभव सबूत जुटा रही है और तथ्यों के आधार पर ही विवेचना आगे बढ़ेगी।
पारस की मानसिक स्थिति की जांच में झोलाछाप की भूमिका अहम
जेल में बंद पारस सोम की मानसिक स्थिति की जांच पुलिस गहराई से कर रही है। इस जांच में उसके एक झोलाछाप दोस्त की भूमिका भी अहम साबित हो रही है। पुलिस झोलाछाप से पूछताछ कर यह जानने का प्रयास कर रही है कि पारस सोम की मानसिक स्थिति शुरुआत से कैसी रही है और क्या इस पूरे मामले में झोलाछाप का भी कोई हाथ है। 
विवेचक सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने इस जांच को तेज कर दिया है। पुलिस को शक है कि पारस ने पकड़े जाने से पहले अपने झोलाछाप दोस्त को फोन कर गांव के माहौल की जानकारी ली थी। इसी जानकारी के आधार पर पुलिस ने पारस को सर्विलांस पर लेकर गिरफ्तार किया था। अब पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं झोलाछाप इस पूरी साजिश का हिस्सा तो नहीं था।
सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि फिलहाल गांव की कानून व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है जिसके चलते झोलाछाप दोस्त से से अभी पूरी तरह पूछताछ नहीं हो सकी है। जल्द ही उससे विस्तार बात की जाएगी। पुलिस यह जानना चाहती है कि पारस की मानसिक स्थिति बचपन से लेकर अब तक कैसी रही है। इसके लिए झोलाछाप के बयान विवेचना में शामिल किए जाएंगे।
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फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार… 
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने सीओ सरधना को पारस सोम के खिलाफ सभी आवश्यक साक्ष्य जुटाने के निर्देश दिए हैं। फोरेंसिक रिपोर्ट भी जल्द ही कोर्ट में पेश की जाएगी। पुलिस सभी गवाहों के बयान दर्ज कर उन्हें कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी में है। डॉक्टर से विस्तृत पूछताछ के बाद इस मामले में और भी कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे मामले की तह तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
यह है मामला
कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार सुबह अनुसूचित जाति की महिला सुनीता बेटी रूबी के साथ गन्ने की छिलाई करने के लिए जा रही थी। रजबहे पर गांव के ही आरोपी पारस सोम ने रूबी का अपहरण कर लिया था। विरोध करने पर उसकी मां सुनीता की फरसे से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी।

पीड़ित परिवार अनुसूचित जाति से है। इस वारदात ने इलाके में तनाव फैला दिया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम पारस को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया और युवती को सकुशल तलाश लिया गया था।
रविवार को रूबी का महिला जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। दोपहर बाद सरधना और महिला थाने की पुलिस उसे लेकर सीजेएम-द्वितीय नम्रता सिंह की कोर्ट पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज हुए। इस मामले को लेकर प्रदेश की सियासत में गरमाई हुई है। विपक्ष ने इस मामले को मुद्दा बनाया बनाया हुआ है।

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