प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों के साथ कथित मारपीट की शिकायत की जांच के सिलसिले में गुरुवार सुबह रांची पुलिस की एक टीम यहां स्थित ईडी के जोनल कार्यालय पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई दर्ज शिकायत के आधार पर की जा रही है।
पूर्व कर्मचारी ने दर्ज कराई थी मारपीट की शिकायत
जानकारी के अनुसार, राज्य के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के एक पूर्व कर्मचारी ने 12 जनवरी को रांची के एयरपोर्ट थाना में आवेदन दिया था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि कथित जलापूर्ति घोटाले से जुड़े एक मामले में पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने उसके साथ मारपीट की।
डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं जांच
सूत्रों ने बताया कि जांच के लिए पहुंची पुलिस टीम में डीएसपी रैंक के अधिकारी के साथ एयरपोर्ट थाना प्रभारी भी शामिल हैं। पुलिस टीम ईडी कार्यालय में मौजूद तथ्यों की जांच कर रही है। हालांकि, इस पूरे मामले पर रांची पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज खंगालने का दावा
गोपनीयता की शर्त पर रांची पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मारपीट के आरोपों के मद्देनजर ईडी कार्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।
पश्चिम बंगाल प्रकरण के बाद बढ़ी संवेदनशीलता
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हाल ही में पश्चिम बंगाल पुलिस और ईडी अधिकारियों के बीच टकराव की स्थिति बनी थी। उस दौरान ईडी ने राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कार्यालय और उसके प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर छापामारी की थी, जिसमें जबरन प्रवेश और दस्तावेज चोरी के आरोप लगे थे।
ईडी कार्यालय के बाहर बढ़ाई गई सुरक्षा
मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी कार्यालय के आसपास केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों की तैनाती की गई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
बाबूलाल मरांडी ने जताई साक्ष्य से छेड़छाड़ की आशंका
इस बीच झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े भ्रष्टाचार मामलों के अहम साक्ष्यों से छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट करने का प्रयास हो सकता है। मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि एयरपोर्ट रोड स्थित ईडी कार्यालय में हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं।
पूर्व में भी ईडी पर आरोप लगा चुके हैं मुख्यमंत्री
गौरतलब है कि जनवरी 2024 में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कथित भूमि घोटाले से जुड़े धनशोधन मामले में दिल्ली स्थित अपने आवास पर की गई तलाशी को लेकर ईडी के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ रांची के एससी-एसटी थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। एफआईआर के अनुसार, मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया था कि ईडी की कार्रवाई उन्हें और उनके समुदाय को परेशान और बदनाम करने के उद्देश्य से की गई।
मामला न्यायालय में लंबित
मुख्यमंत्री ने इस पूरे प्रकरण में झारखंड उच्च न्यायालय में सीबीआई जांच की मांग भी की थी। ईडी अधिकारियों द्वारा एससी-एसटी अधिनियम के उल्लंघन के आरोपों से जुड़ा यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है।








