चौबट्टाखाल विधानसभा के दौरे में पहुंचे लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, लघु सिंचाई, संस्कृति, जलागम प्रबंधन, बाढ़ नियंत्रण एवं भारत-नेपाल उत्तराखंड नदी परियोजना मंत्री सतपाल महाराज अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज संयुक्त चिकित्सालय सतपुली पहुंचें। इस दौरान मा. मंत्री श्री महाराज ने संयुक्त चिकित्सालय सतपुली में धनराशि लागत 19.70 लाख के ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का लोकार्पण, टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड सीएसआर मद से धनराशि 20 लाख 71 हजार 989 की लागत के अल्ट्रासाउंड मशीन का लोकार्पण तथा धनराशि 05 लाख के विधायक निधि से पैथोलॉजी लैब संबंधी उपकरणों का लोकर्पण किया।
इस दौरान उन्होंने आकस्मिक कक्ष, कोविड टीकाकरण कक्ष, ऑक्सीजन प्लांट, पैथोलॉजी लैब सहित अन्य कक्षों एवं चिकित्सालय परिसर का निरीक्षण किया। साथ ही एसीएमओ से अस्पताल में तैनात डॉक्टरों, टेक्निशियन, स्टाफ आदि की जानकारी भी ली। चिकित्सालय में डॉक्टरों के अनुपस्थित रहने की शिकायत मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए चेतावनी दी कि सभी डॉक्टर चिकित्सालय में नियमत रूप से हर समय मौजूद रहें। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों व अन्य कर्मचारियों को निर्देशित किया कि यदि औचक निरीक्षण के दौरान संबंधित डॉक्टर या स्टाफ अनुपस्थित पाया जाता है, तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संयुक्त चिकित्सालय सतपुली को सभी स्वास्थ्य संबंधित उपकरणों से लैस किया जा रहा हैं, ताकि अस्पताल में आने वाले मरीजों को असुविधाओं का सामना न करना पड़े। कहा कि इन उपकरणों के लगाए जाने से संयुक्त चिकित्सालय सतपुली में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन लग जाने के बाद अब यहां प्रतिदिन लगभग 50 लोगों के अल्ट्रासाउंड किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संयुक्त चिकित्सालय सतपुली में टेक्नीशियन को कोटद्वार से बुलाया गया है। कहा कि डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की कमी को देखते हुए खाली पदों को भरा जा रहा है। कहा कि पिछले 4 सालों में चौबट्टाखाल विधानसभा में कई विकास पर कार्य किए गए हैं, जिस पर एक विकास पुस्तिका भी निकाली गई है। कहा कि अस्पताल में सभी सुविधाएं उपलब्ध होने पर आस-पास के क्षेत्रवासियों के साथ ही अन्य भी यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ ले सके
तत्पश्चात् मा. मंत्री सतपाल महाराज ने राज्य सेक्टर के अन्तर्गत जनपद के विकास खण्ड एकेश्वर के अन्तर्गत पूर्वी नयार नदी पर मत्स्य पालन केन्द्र सतपुली की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना कुल लागत रू. 274.54 लाख का शिलान्यास, राज्य सेक्टर नाबार्ड के अन्तर्गत ज्वाल्पा में पश्चिमी नयार नदी पर बाढ़ सुरक्षा योजना कुल लागत रू. 104.57 लाख का शिलान्यास एवं विकास खण्ड द्वारीखाल के अन्तर्गत रा.क.विद्यालय सतपुली की सुरक्षा हेतु बाढ़ सुरक्षा योजना कुल लागत रू. 125.64 लाख का शिलान्यास तथा सतपुली एकेश्वर मोटर मार्ग के पिटकुल के निकट से ग्राम नौगांव के लिए विधायक निधि से निर्मित सम्पर्क मार्ग का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही जलागम विभाग द्वारा ग्रोथ सेंटर योजना के अन्तर्गत विकासखण्ड एकेश्वर के अमोठा में ‘‘एग्री बिजनेस, ग्रोथ सेंटर अमोठा‘‘ कुल लागत 46.12 लाख का लोकार्पण तथा सीमारखाल में ‘‘एग्री बिजनेस, ग्रोथ सेंटर सीमारखाल‘‘ कुल लागत 31.12 लाख का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर मा. मंत्री जी द्वारा 09 निर्बल वर्ग लाभार्थियों को चैक भी वितरित किये गये। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों से संबंधित ब्रोशर का विमोचन भी किया गया।
इस मौके पर मा. मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का यह अभिनव प्रयास है कि महिलाएं अपने संगठन को मजबूत करते हुए क्षेत्रीय उत्पादों को तैयार कर बिक्री कर रही हैं। कहा कि इन ग्रोथ सेंटरों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों के विक्रय हेतु बाजार मिलने से समूहों की आर्थिकी मजबूत होने के साथ ही रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा पलायन पर भी रोक लगेगी। कहा कि सुपर फूड वाले अनाज उगायें, जो प्रोटीन युक्त हों और जिनसे इनकम भी दोगुनी हो, इसके लिए वर्टिकल और ड्रिप फार्मिंग को बढ़ावा दे सकते हैं। कहा कि आज संयुक्त चिकित्सालय सतपुली में ऑक्सीजन जनरेशन प्लांट का भी लोकार्पण किया गया है, ताकि अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न हो। कहा कि मा. प्रधानमंत्री जी इन्टरनेशनल लीडर के रूप में अपनी प्रतिभागिता निभा रहे हैं। हम सबको भी मिलकर राज्य का विकास करना है। कहा कि राज्य को टूरिस्ट के क्षेत्र में पर्यटन के मानचित्र पर लाने के निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। कहा कि ज्वाल्पा-एकेश्वर-कलिंगा को सर्किट के रूप में रखा गया है। वहीं दीवा के डांडा के पैदल मार्ग को सुविधापूर्वक बनाने हेतु पैंसा स्वीकृत किया है, ताकि लोग वहां से सन राइज के सुन्दर दर्शन कर सकें। मा. मंत्री जी ने तीलू रौतेली स्वायत्त सहकारिता ग्रोथ संेटर अमोठा पाटीसैंण पौड़ी में विभिन्न समूहों द्वारा तैयार किये गये स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा उन्हें आवश्यक जानकारी भी दी।









