उत्तराखंड- हाईवे, एक्सप्रेस-वे, सार्वजनिक स्थानों से हटेंगे निराश्रित गोवंश, कुत्ते, sop की गई जारी

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त्तराखंड में अब हाईवे, एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटनाएं रोकने के लिए निराश्रित पशुओं को हटाया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों से भी इन्हें हटाने का चरणबद्ध काम किया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव आनंदबर्द्धन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है।

इसके लिएपहली बार एक साथ पंचायती राज, खेल, परिवहन, चिकित्सा स्वास्थ्य, पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी, उच्च शिक्षा, लोक निर्माण, विद्यालयी शिक्षा व तकनीकी शिक्षा के विशेष सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, विभागाध्यक्षों व जिलाधिकारियों के नाम शामिल किए गए हैं। इसके तहत अस्पतालों में एंटी रैबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।

 

जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी
कैप्चर, स्टरलाइजेशन, वैक्सीनेशन, रिहैबिलिटेशन मॉड्यूल को लागू करते हुए श्वान पशु जनसंख्या नियंत्रण एबीसी-एआरवी को मजबूत किया जाएगा। एसओपी के तहत निगरानी के लिए प्रमुख सचिव या सचिव शहरी विकास की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय निगरानी व क्रियान्वयन समिति का गठन किया जाएगा। वहीं, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो जिले में सभी गतिविधियों की निगरानी, समीक्षा करेगी। उपलब्ध निकटतम गोसदन, डॉग शेल्टर के साथ उपलब्ध निराश्रित पशुओं की अनुमानित संख्या के आधार पर मैपिंग की जाएगी।

जिला मुख्यालय पर समर्पित गश्ती दल व पशु पकड़ दल गठित किए जाएंगे। प्रत्येक दल में एक वाहन चालक, दो प्रशिक्षित पशु नियंत्रक व एक पशु चिकित्सा सहायक शामिल होगा। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, नैनीताल में निराश्रित पशुओं की अधिक संख्या को देखते हुए दो-दो बड़े और दो-दो छोटे पशु पिकअप वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। बाकी जिलों में एक-एक वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे। 

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चार जिलों में बनेंगे दो-दो नए डॉग शेल्टर

एक समर्पित पोर्टल व ऐप विकसित किया जाएगा, जिसमें पूरे प्रदेशभर के विभागों को जोड़ा जाएगा। पोर्टल पर गोसदनों में क्षमता के सापेक्ष मौजूद पशु और उपलब्धता का भी लाइव पता चलेगा। देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल में शुरू में 100 कुत्तों की क्षमता वाले दो-दो डॉग शेल्टर स्थापित किए जाएंगे।

दुर्घटनाएं रोकने को एनएच, एक्सप्रेस-वे से हटेंगे पशु

राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेस-वे पर निराश्रित पशुओं की आवाजाही रोकने, सड़क दुर्घटनाओं की संभावना को कम करने के लिए उच्च जोखिम वाली सड़कों की निगरानी होगी, पशुओं को तत्काल हटाया जाएगा। सूचना के लिए हेल्पलाइन नंबर 1905 जारी किया गया है। नेशनल, स्टेट हाईवे व एक्सप्रेस-वे की खंडवार निगरानी के लिए कनिष्ठ अभियंता स्तर के अधिकारी को नामित किया जाएगा। इनकी सूचना पर नियंत्रण कक्ष निकटतम उपलब्ध पशु-पकड़ दल या गश्ती दल को भेजेगा।

 

इन सार्वजनिक स्थानों पर नहीं दिखेंगे निराश्रित गोवंश व कुत्ते

शैक्षिक संस्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, खेल परिसर व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर निराश्रित गोवंश व कुत्ते नजर नहीं आएंगे। नियमित आधार पर उनका चिन्हांकन करके सुरक्षा, स्वच्छता व संचालन में व्यवधान की स्थिति में मानवीय विधि से पकड़कर उन्हें ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में अधिकृत शेल्टर, गो सदन में भेजा जाएगा। इन सभी स्थानों के लिए भी नोडल अधिकारी नामित कर क्षेत्रवार मैपिंग की जाएगी।


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