Murder: 16 साल की उम्र में रखा अपराध की दुनिया में पहला कदम, 12 हत्याओं ने रोकी थी जमानत की राह

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हज 16 वर्ष की उम्र में ही जरायम की दुनिया में कदम रखने वाले विनय त्यागी के खिलाफ पहला मामला वर्ष 1985 में मेडिकल थाना मेरठ में अपहरण और आखिरी मामला हरिद्वार जनपद के लक्सर कोतवाली में 25 लाख की धोखाधड़ी के आरोप में दर्ज हुआ था। धोखाधड़ी के इसी मामले में 24 दिसंबर को पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट में पेशी पर जाते समय विनय त्यागी पर हमला हुआ। तीन गोलियां लगने के बाद गंभीर अवस्था में उसे एम्स ऋषिकेश ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।

मुजफ्फरनगर जनपद के पुरकाजी थाना क्षेत्र के खाईखेड़ी गांव के मूलनिवासी विनय त्यागी उर्फ टिंकू के खिलाफ पहला मामला 1985 में मेरठ के मेडिकल थाने में अपहरण के आरोप में दर्ज हुआ था। इसी साल उसके खिलाफ अपहरण का एक और मामला दर्ज हुआ।

इसके बाद उसके नाम दर्ज होने वाले मामलों की सूची लंबी होती चली गई। त्यागी के खिलाफ हत्या, अपहरण, फिरौती, जानलेवा हमला, गैंगस्टर सहित संगीन धाराओं में 59 मामले दर्ज बताए गए हैं।

 

इनमें सबसे अधिक 29 मामले उत्तर प्रदेश के मेरठ में दर्ज हैं। इसके अलावा मुजफ्फरनगर में 15, गाजियाबाद में 3, दिल्ली में 2, सीतापुर में 1, बुलंदशहर में 1, सहारनपुर में 1, जबकि, उत्तराखंड के देहरादून में 4, हरिद्वार में 2 और लक्सर में एक मामला दर्ज है। 15 सितंबर को देहरादून में उसके खिलाफ चोरी का मामला दर्ज हुआ था।

 

विनय त्यागी के खिलाफ आखिरी मामला चार दिसंबर को लक्सर कोतवाली में उत्तर प्रदेश निवासी एक व्यक्ति से जमीन बेचने के नाम पर 25 लाख की रकम हड़पने के आरोप में दर्ज हुआ था। इसी मामले में उसे 24 दिसंबर को बी वारंट पर लक्सर एसीजेएम कोर्ट में पेशी पर लाया जा रहा था। वहां दोपहर करीब एक बजे फ्लाईओवर पर शूटर सन्नी उर्फ शेरा व अजय ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी।

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संगीन वारदातों को दिया अंजाम
कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले गैंगस्टर विनय त्यागी को 16 वर्ष की उम्र में अपने सहपाठी को पीटने के मामले में बाल सुधार गृह भेजा गया था। वह जब लौटा तो उसने सुधरने के बजाय अपराध को ही पेशा बना लिया। 1985 में वह शरद त्यागी गिरोह में शामिल हुआ।

 

इसके बाद कुख्यात बदन सिंह बद्दो, नीरज भाटी, धर्मेंद्र सिरोही और सुनील राठी के साथ भी उसका नाम जुड़ा। इस दौरान त्यागी पर रंगदारी नहीं देने पर मेरठ में अरोड़ा बेकरी के मालिक की हत्या, केबल कारोबारी शैलेंद्र पाल की हत्या, अजय जडेजा गिरोह के शूटर प्रवीण शर्मा और राजीव टिर्री की हत्या, कारोबारी को हनी ट्रैप में फंसाकर एक करोड़ की फिरौती मांगने जैसे कई संगीन अपराधों में मामले दर्ज होते गए।

 

57 मुकदमों और 12 हत्याओं ने रोकी जमानत की राह
सुनवाई के दौरान अदालत के सामने त्यागी के काले कारनामों की जो फेहरिस्त पेश हुई, उसने सबको चौंका दिया था। अभियोजन ने अदालत के सामने त्यागी के खिलाफ उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली में 57 से अधिक मुकदमों का पुलिंदा रख दिया था, जिनमें हत्या के 12 मामले थे।

 

हत्या में बदलेगा जानलेवा हमले का मामला
एम्स ऋषिकेश में हिस्ट्रीशीटर विनय त्यागी की मौत के बाद पुलिस लक्सर कोतवाली में दर्ज प्राथमिकी में हत्या की धाराएं शामिल करने की तैयारी कर रही है। 24 दिसंबर को नगर में फ्लाईओवर पर हुए शूटआउट के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमले समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।

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विनय त्यागी को पुलिस अभिरक्षा में कोर्ट लेकर जा रहे उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में बताया गया था कि 24 दिसंबर को वह विनय त्यागी उर्फ टिंकू निवासी जागृति विहार, मेरठ, उत्तर प्रदेश को बी वारंट पर एसीजेएम कोर्ट लक्सर में पेशी पर लेकर जा रहे थे।

 

दोपहर 12.40 बजे जब वह लक्सर में रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंचे तो यहां गन्ना वाहन के कारण जाम लगा हुआ था। इस दौरान संजय पंवार और हिमांशु चौधरी नीचे उतरकर जाम खुलवाने लगे। तभी बिना नंबर प्लेट की बाइक पर पीछे से आए दो व्यक्तियों ने उनपर व विनय त्यागी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।

फायरिंग में वाहन पर बैठा विनय त्यागी घायल हो गया था। मामले में पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी।

 

इस बीच 27 दिसंबर को उपचार के दौरान एम्स ऋषिकेश में विनय त्यागी की मौत के बाद अब पुलिस मामले को हत्या की धाराओं में तरमीम करने की तैयारी कर रही है। लक्सर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशानुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले को हत्या की धाराओं में बदला जाएगा।


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