फिरोजाबाद के सिरसागंज में मंगलवार की शाम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी बस अचानक से आग के गोले में तब्दील हो गई। चालक की सूझबूझ से बस में सवार 45 यात्रियों की जान बच गई, लेकिन बस में यात्रियों का पूरा सामान जल कर खाक हो गया। यात्रियों से भरी ये बस अजमेर शरीफ से यात्रा कराकर वापस नेपाल जा रही थी। इसमें सवार यात्री भी नेपाल के निवासी थे।
मंगलवार को शाम करीब तीन बजे प्राइवेट बस अजमेर शरीफ से यात्रियों को लेकर नेपाल जा रही थी। जैसे ही बस थाना सिरसागंज क्षेत्र के आगरा लखनऊ एक्सप्रेस वे खम्बा संख्या 76 किलोमीटर के समीप पहुंची, तभी बस से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में काले धुएं का गुबार छा गया।
चालक चुन्नू मिश्रा पुत्र गंगा मिश्रा निवासी ग्राम गिरगाज थाना बीरगंज जिला परसा नेपाल ने सूझबूझ दिखाते हुए बस को साइड में लगाया। सभी यात्रियों को बस से जल्दी से बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और कठफोरी चौकी प्रभारी अशोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
तत्काल फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। आग इतनी भीषण थी कि बस धूं-धूं कर जलने लगी। दमकल कर्मियों ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
आधा घंटे तक प्रभावित रहा एक्सप्रेसवे
एक्सप्रेसवे पर खड़ी बस में लगी आग ने जब अपना राैद्र रूप धारण किया तो पुलिस ने हाईवे के गुजर रहे वाहनों को रोक दिया। जिससे अन्य वाहन आग की चपेट में न आ जाएं। वहीं दमकल कर्मियों के आग पर काबू पाने के बाद यातायात को सुचारू किया गया।








