तस्करी: 8 साल में करोड़पति बना कैंटर चालक आसिफ, दुबई और आस्ट्रेलिया में चला रहा होटल, पुलिस को तलाश

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शीले कफ सिरप के मामले में गाजियाबाद पुलिस को जिस आसिफ की तलाश है वह मेरठ के किठौर थाना क्षेत्र के गांव राधना का निवासी है। आसिफ बीते पांच साल से नशीले कफ सिरप की खाड़ी देशों में तस्करी कर रहा है। वर्तमान में दुबई में है।

दुबई और आस्ट्रेलिया में उसके होटल हैं। होटल कारोबार के साथ ही वह ट्रांसपोर्ट का भी काम करता है। इसी की आड़ में वह नशीले कफ सिरप की तस्करी करता है। ग्रामीणों के अनुसार आठ साल पहले वह कैंटर चालक था, आज वह करोड़पति है।

 

ग्रामीणों के अनुसार, राधना निवासी आसिफ दस साल पहले कुवैत में ट्रक चलाता था। वहां उसका एक दोस्त भी ट्रक चलाता था। कुवैत में दोस्त की मौत होने पर आसिफ वहां से लौट आया था। उसने दोस्त की पत्नी से शादी कर ली और उसकी देहरादून में संपत्ति बेचकर कैंटर बनाया था। गांव का नदीम अपने कैंटर से एक कंपनी का कफ सिरप सप्लाई करता था।

आसिफ ने भी नदीम के साथ अपना कैंटर लगा लिया। तब उसे पता चला कि नदीम कंपनी के कफ सिरप की आड में नशीला कफ सिरप भी सप्लाई करता था। वह बांग्लादेश के रास्ते खाड़ी देशों में नशीले कफ सिरप की तस्करी करता था।

2016 में दिल्ली नॉरकोटिक्स विभाग ने नदीम को गिरफ्तार किया था। कोर्ट से उसे जेल भेज दिया गया था। इसके बाद नशीले कफ सिरप की तस्करी का पूरा कारोबार आसिफ ने संभाल लिया था। नदीम की पैरोकारी करने वाली उसकी अधिवक्ता से आसिफ ने शादी कर ली। इसी बीच पहली पत्नी की अचानक एक दिन संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

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2020 में चला गया था दुबई
ग्रामीणों के मुताबिक, 2020 में आसिफ दुबई में जाकर बस गया। वहां पर उसने दो होटल लीज पर लिए। साथ ही ट्रांसपोर्ट का भी काम किया। इसी के जरिए वह कुछ ही साल में करोड़पति बन गया। उसके दुबई के बाद आस्ट्रेलिया, फ्रांस में भी होटल चल रहे हैं।

कोलकाता में भी बार खोल रखा है। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि गाजियाबाद या अन्य जनपद की पुलिस ने आसिफ के बारे में कोई जानकारी नहीं ली है। स्थानीय पुलिस को भी इसके बारे कोई जानकारी नहीं है।

सात महीने पहले गांव आया था
आसिफ पांच भाइयों में तीसरे नंबर का है। दो बड़े भाई कैंटर चालक हैं। एक भाई का नोएडा में होटल है जबकि चौथा भाई मानसिक रूप से कमजोर है। आसिफ अपनी पत्नी के साथ दुबई में ही रहता है।

कई साल बाद वह सात महीने पहले अपने गांव राधना आया था। कुछ दिन परिजनों के साथ रहकर चला गया था। सभी भाइयों के अलग मकान हैं। गांव में आसिफ का मकान बंद पड़ा रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि वह आठ वर्षों में ही आठ-दस हजार करोड़ का आदमी बन गया है।

तमंचों के लिए बदनाम है राधना गांव
किठौर थाना क्षेत्र का राधना गांव अवैध तमंचों के लिए बदनाम रहा है। यहां से तमंचे बनाकर देश भर में बेचे जाते रहे हैं। पुलिस ने भी यहां पर अनेक बार अवैध तमंचा बनाने की फैक्टरी पकड़ी है।

इसी साल गांव में पुलिस चौकी खोली गई। हालांकि अब तमंचा निर्माण बंद है। अब नशीला कफ सिरप की तस्करी को लेकर आसिफ के साथ गांव का नाम दुबई तक चर्चाओं में आ गया है। गाजियाबाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

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