सुप्रीम कोर्ट- पूर्व CM येदियुरप्पा को बड़ी राहत, पॉक्सो मामले में ट्रायल पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक

Spread the love

 

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बीएस येदियुरप्पा को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ चल रहे पोक्सो मामले में सुनवाई पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने बीएस येदियुरप्पा की याचिका पर राज्य सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने येदियुरप्पा की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया, जिसमें कर्नाटक हाई कोर्ट के मामले को रद्द करने से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी गई है।

 

अदालत ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा, ‘नोटिस जारी करें। इस बीच, ट्रायल पर रोक रहेगी।’ पीठ ने कहा कि नोटिस मुख्य रूप से मामले को हाई कोर्ट को वापस भेजने पर विचार करने के लिए जारी किया जा रहा है। येदियुरप्पा का प्रतिनिधित्व कर रहे वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण सबूतों को नजरअंदाज किया और उन बयानों पर विचार नहीं किया, जिनसे पता चलता है कि कथित घटना के दौरान ऐसा कुछ नहीं हुआ। लूथरा ने कहा, ‘कुछ बयान ऐसे होते हैं जिन्हें अभियोजन पक्ष दबा देता है। उच्च न्यायालय ने तथ्यों को नजरअंदाज किया। वह चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।’

 

पूर्व सीएम पर लगे ये आरोप
पोक्सो कानून के तहत 14 मार्च, 2024 को एक महिला की शिकायत पर पूर्व सीएम के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। शिकायतकर्ता महिला की अब मौत हो चुकी है। शिकायत में महिला ने आरोप लगाया था कि जब वे येदियुरप्पा से मदद मांगने के लिए उनके घर गईं तो पूर्व सीएम ने उसकी 17 साल की बेटी के साथ छेड़छाड़ की। उसने आगे आरोप लगाया कि पूर्व सीएम ने पैसे देकर घटना को दबाने की कोशिश की। उसकी शिकायत के आधार पर, पुलिस ने पोक्सो कानून के अलग-अलग प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

4 जुलाई, 2024 को, एक ट्रायल कोर्ट ने न केवल येदियुरप्पा के खिलाफ, बल्कि तीन अन्य लोगों के खिलाफ भी सबूत नष्ट करने और मामले को दबाने की कोशिशों के आरोप में अपराधों का संज्ञान लिया। इसके बाद कर्नाटक उच्च न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट को इस पर फिर से विचार करने का निर्देश दिया। इसके बाद, 28 फरवरी को, फास्ट-ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने एक नया आदेश जारी किया और येदियुरप्पा और दूसरे आरोपियों को 15 मार्च को पेश होने के लिए बुलाया। येदियुरप्पा ने 28 फरवरी के आदेश और शिकायत को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। पूर्व सीएम ने कहा कि उन पर लगे आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। हालांकि, हाई कोर्ट ने पिछले महीने मामले को रद्द करने से मना कर दिया, जिसके बाद पूर्व सीएम ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

और पढ़े  Israel-Iran War: हालिया हमलों में 7 ईरानी सैन्य कमांडरों की मौत, तेहरान के अस्पताल पर भीषण हमला

Spread the love
  • Related Posts

    पीएम मोदी का यूट्यूब पर बजा डंका: छुआ 30 मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा, ट्रंप से सात गुना ज्यादा फोलोअर्स

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को एक और उपलब्धि हासिल की। उन्होंने यूट्यूब पर 30 मिलियन सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐसा करने वाले वे विश्व…


    Spread the love

    2026 चंद्र ग्रहण: चंद्र ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू, दिल्ली में मंदिरों के कपाट बंद, इस समय होंगे दर्शन

    Spread the love

    Spread the love     साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है। यह फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है, जिससे इसका…


    Spread the love