संसद का शीतकालीन सत्र- आज से संसद का शीतकालीन सत्र, सिगरेट-गुटखा पर सेस समेत कई बिल पेश करेगी सरकार

Spread the love

संसद के शीतकालीन सत्र की आज यानी 1 दिसंबर से शुरुआत हो रही है। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। शीतकालीन सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। 19 दिनों में संसद की 15 बैठकें होनी हैं। यह 18वीं लोकसभा का छठा सत्र है। शीतकालीन सत्र में एटॉमिक एनर्जी समेत 10 नए विधेयक संसद में पेश किए जा सकते हैं। एसआईआर के मुद्दे पर हंगामे के आसार हैं।

 

पीएम मोदी का संबोधन

साथियों शीतकालीन सत्र सिर्फ एक परंपरा नहीं हैं, ये राष्ट्र को प्रगति की ओर तेज गति से ले जाने के जो प्रयास चल रहे हैं, उसमें ऊर्जा भरने का काम ये शीतकालीन सत्र करेगा, ये मेरा विश्वास है। भारत में लोकतंत्र को जिया है, लोकतंत्र के उमंग और उत्साह को समय समय पर ऐसे प्रकट किया है कि लोकतंत्र के प्रति विश्वास और मजबूत होता रहता है। बीते दिनों बिहार चुनाव में भी मतदान में जो तेजी आई है, वो लोकतंत्र की ताकत है। माता-बहनों की भागीदारी बढ़ना एक नई आशा और विश्वास पैदा कर रहा है। लोकतंत्र की मजबूती और इसके भीतर अर्थतंत्र की मजबूती को दुनिया बहुत बारीकी से देख रही है। भारत ने सिद्ध कर दिया है डेमोक्रेसी कैन डिलीवर।

जिस गति से आज भारत की आर्थिक स्थिति नई ऊंचाईंयों को प्राप्त कर रही है। विकसित भारत की ओर जाने की दिशा में ये नया विश्वास जगाती है। साथियों ये सत्र संसद देश के लिए क्या सोचती है, क्या करना चाहती है और क्या कर रही है, ये दिखाती है। विपक्ष भी पराजय की निराशा से बाहर निकलकर सार्थक चर्चा करे। दुर्भाग्य से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो पराजय भी नहीं पचा पाते। लेकिन मेरा सभी दलों से आग्रह है कि शीतकालीन सत्र में पराजय की बौखलाहट को मैदान नहीं बनना चाहिए और ये विजय के अहंकार में भी परिवर्तित नहीं होना चाहिए। बहुत ही जिम्मेदारी के रूप में देश की जनता की जो हमसे अपेक्षा है, उसे संभालते हुए आगे के बारे में सोचें।

और पढ़े  आज से श्रीलंका दौरे पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, भारतीय मूल के तमिलों और शीर्ष नेतृत्व से करेंगे मुलाकात

 

 

ये विधेयक सूचीबद्ध किए हैं सरकार ने

सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र में पेश करने के लिए 9 आर्थिक विधेयक सूचीबद्ध किए हैं, जिसमें इंश्योरेंस कानूनों में संशोधन का विधेयक शामिल है। संसद सदस्यों को भेजी गई बिलों की सूची के मुताबिक सरकार नई पीढ़ी के वित्तीय सुधारों के तहत इंश्योरेंस सेक्टर में विदेशी निवेश सीमा को 74 फीसदी से बढ़ाकर 100 फीसदी करने के लिए इंश्योरेंस कानून (संशोधन) बिल 2025 पेश करेगी। अन्य आर्थिक विधेयकों में इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (संशोधन) विधेयक, 2025, मणिपुर गुड्स एंड सर्विसेज़ टैक्स (दूसरा संशोधन) विधेयक 2025, नेशनल हाईवे (संशोधन) विधेयक, 2025, और कॉर्पोरेट लॉ (संशोधन) विधेयक, 2025 शामिल हैं।


Spread the love
  • Related Posts

     सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CM ममता बनर्जी के आचरण ने लोकतंत्र को खतरे में डाला

    Spread the love

    Spread the loveसुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच जारी कानूनी जंग में बड़ी टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि…


    Spread the love

    आरबीआई ने लागू किए नए दिशा-निर्देश- ऑटो डेबिट नियम सख्त: ग्राहकों को अपने पैसे पर मिलेगा अधिक नियंत्रण

    Spread the love

    Spread the loveभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ई-मैंडेट से जुड़े नए दिशा-निर्देश मंगलवार से लागू कर दिए। नए नियमों के तहत, खाते से पैसा काटने (ऑटो डेबिट) से 24 घंटे…


    Spread the love