AI से फर्जी फोटो बनाकर ग्राहक ने स्विगी से लिया 245 रुपये का रिफंड, वायरल हुई तस्वीर…

Spread the love

र्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के साथ इसके दुरुपयोग के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। एआई जनरेटेड डीपफेक वीडियो आए दिन सोशल मीडिया वायरल होते रहते हैं, पर अब ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जहां AI के बनाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल गलत तरीके से रिफंड हासिल करने के लिए भी किया जा रहा है। हाल ही में ऐसी ही एक घटना सामने आई है जो स्विगी इंस्टामार्ट से जुड़ी है। इससे ऑनलाइन रिफंड प्रक्रिया को अब और भी मजबूत बनाने पर चर्चा शुरू हो गई है।

 

एआई से फर्जी तस्वीर बनाकर पाया रिफंड
आनलाइन सामान डिलीवर करते समय यदि सामान खराब हो जाता है तो कंपनियां ग्राहकों को रिफंड जारी करती हैं। अगर सामान खराब या टूटा-फूटा डिलीवर होता है तो ग्राहक को उसकी तस्वीर कस्टमर केयर के साथ साझा करनी होती है। तस्वीर की वेरिफिकेशन के बाद ग्राहक को सामान का रिफंड जारी किया जाता है। हालांकि, अब एआई से अच्छे सामान को टूटा-फूटा दिखाकर कुछ लोग रिफंड क्लेम करने लगे हैं।

 

AI से बनी फोटो पर इंस्टामार्ट ने दे दिया रिफंड
X (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि इंस्टामार्ट के एक ग्राहक ने अंडों की डिलीवरी मिलने के बाद AI की मदद से तस्वीर में हेरफेर किया। पोस्ट के मुताबिक, ग्राहक ने अंडे का एक ट्रे मंगाया था, जिसमें एक अंडा टूटा हुआ था। हालांकि, ग्राहक ने Gemini Nano Banana का इस्तेमाल कर ट्रे में कई अंडे टूटने का फेक फोटो बनवा लिया। इसके बाद इसी फोटो का इस्तेमाल कर पूरे 245 रुपये का रिफंड भी हासिल कर लिया।

और पढ़े  बड़ा फैसला: औद्योगिक-व्यावसायिक संस्थानों को पेट्रोल पंपों से नहीं मिलेगा तेल, 90 दिनों के लिए लगी रोक

 

नया डिटेक्शन सिस्टम अपनाने की जरूरत 
ऑनलाइन रिफंड सिस्टम के सामने एआई से चुनौतियां बढ़ रही हैं। पोस्ट में यूजर ने लिखा कि यदि 1% लोग भी ऐसा करने लगें तो क्विक कॉमर्स का ऑनलाइन बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। यूजर ने बताया कि अब फेक तस्वीरों से निपटना कंपनियों की नई चुनौती बन गई है। ऐसी घटनाएं समाज में नैतिकता और तकनीक के भविष्य पर गंभीर सवाल उठाती हैं।

पोस्ट में यूजर ने लिख कि रिफंड सिस्टम ऐसे समय में डिजाइन किए थे, जब फोटो पर भरोसा किया जा सकता था। अब 2025 के एआई के सामने ये सिस्टम टिक नहीं पा रहे हैं। यूजर ने बताया कि असली समस्या वेरिफिकेशन सिस्टम की है, जो अभी भी पुराने तौर तरीकों पर चल रहा है। पोस्ट में यूजर ने सुझाव दिया कि कंपनियों को जल्द से जल्द AI-डिटेक्शन सिस्टम अपनाना चाहिए।


Spread the love
  • Related Posts

    महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे को बड़े सियासी झटके की आशंका,कई सांसदों के फोन बंद, राउत ने 15 करोड़ एडवांस का आरोप लगाया

    Spread the love

    Spread the loveतृणमूल कांग्रेस में हुई बगावत के बीच विपक्षी खेमे की एक और पार्टी शिवसेना (यूबीटी) भी एक बड़े संकट का सामना कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी…


    Spread the love

     G7 Summit Evian- आज पीएम मोदी जी7 देशों के सम्मेलन में शरीक होंगे, चीन के बढ़ते निर्यात पर होगी चर्चा, यूरोपीय अर्थव्यवस्था पर इसके असर का मुद्दा भी उठेगा

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के एवियन में आज से शुरू हो रहे जी7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह उनकी दो देशों की यात्रा का तीसरा चरण है। दो…


    Spread the love