अयोध्या स्थित राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाला ध्वजारोहण कार्यक्रम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश-विदेश के शीर्ष राजनीतिक, धार्मिक और फिल्मी जगत सितारों के आने की संभावना को देखते हुए एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से तैयारियां की जा रही हैं। 45 से अधिक प्राइवेट जेट्स की लैंडिंग की तैयारियों से महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट की गतिविधि तेज हो गई हैं। सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, चार नए वीआईपी लाउंज तैयार किए जा रहे हैं।
48 नए सीआईएसएफ जवानों ने संभाला मोर्चा
भारी वीवीआईपी मूवमेंट को देखते हुए अयोध्या एयरपोर्ट की सुरक्षा में वृद्धि किया गया है। एयरपोर्ट पर 48 नए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) जवानों की तैनाती की गई है, जो सोमवार से ही फ्रंटलाइन सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ये जवान एयरसाइड से लेकर टर्मिनल, वीआईपी गेट और लाउंज क्षेत्रों में मल्टी-लेयर सिक्योरिटी तैयार कर रहे हैं। इसके अलावा सीआरपीएफ, आईबी और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले हुए हैं।
45 प्राइवेट जेट के लिए लेन मैनेजमेंट तैयार
कार्यक्रम की भव्यता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस दिन लगभग 45 से अधिक प्राइवेट जेट अयोध्या एयरपोर्ट पर उतरेंगे। चार्टर विमानों की इतनी अधिक संख्या को देखते हुए एयरपोर्ट प्रबंधन ने विशेष लेन मैनेजमेंट प्लान बनाया है। हर विमान की लैंडिंग, टैक्सी और स्टैंडिंग मूवमेंट को मिनट-टू-मिनट तय किया गया है।
अयोध्या में सीमित पार्किंग के कारण कई जेटों को वाराणसी, गोरखपुर, श्रावस्ती और आसपास के एयरपोर्टों पर भेजा जाएगा। यहां जेटों की पार्किंग जोन पहले से आरक्षित कर दिए गए हैं। प्राइवेट जेट्स के लिए पहले दो घंटे की पार्किंग को फ्री रहेगी। इसके बाद लागू होने वाली लैंडिंग फीस, पार्किंग चार्ज, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) उपयोग जैसे अन्य शुल्क एयरपोर्ट नियमानुसार रहेगा।
एयरपोर्ट में चार नए लाउंज
अयोध्या एयरपोर्ट प्रशासन ने वीआईपी और हाई-प्रोफाइल अतिथियों के लिए चार नए लाउंज बनाने का निर्णय लिया है। इनमें एक वीवीआईपी लाउंज, दो प्रीमियम गेस्ट लाउंज और एक ऑपरेशनल हैंडलिंग लाउंज शामिल हैं। इन लाउंज का निर्माण अंतिम चरण में है और इन्हें कार्यक्रम से पहले पूरी तरह संचालित किया जाएगा।
25 को तीन घंटे पहले पहुंचे यात्री
एयरपोर्ट डायरेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि ध्वजारोहण के दिन एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच सबसे कड़े स्तर पर होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 25 नवंबर को उड़ान भरने वाले यात्री कम से कम तीन घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचे। उस दिन सामान की स्कैनिंग, चेकिंग में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है। वीआईपी मूवमेंट के दौरान भी आम यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए अलग मार्ग, अलग कतारें और अलग लाउंज की व्यवस्था की जा रही है।








