45 साल की महिला बनाना चाहती थी संबंध, कहती थी संतान चाहिए..21 वर्ष के हत्यारोपी पड़ोसी का कबूलनामा

Spread the love

वाराणसी के शिवपुर थाना क्षेत्र में 11 दिसंबर को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता की हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया था। सुबह के समय घर में घुसकर मुंह में कपड़ा ठूंसने और धारदार हथियार व सिलबट्टे से सिर पर प्रहार कर इस वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना के वक्त अनुपमा के पति शैलेश कुमार पटेल घर से बाहर दूध बेचने गए हुए थे। यह हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके परिचित और पास ही ने रहने वाले मोहित यादव (21) और अंजलि चौहान (21) के साथ मिलकर की थी।

 

यह है मामला
शिवपुर थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर में बीते 11 दिसंबर को अज्ञात बदमाशों ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अनुपमा उर्फ सीता (45) को सुबह करीब आठ बजे के करीब मुंह में कपड़ा ठूंसकर धारदार हथियार व सिलबट्टे से सिर पर प्रहार कर हत्या कर दी गई थी।

 

परिजनों के अनुसार, अनुपमा सुबह पांच बजे उठकर खाना बना रही थी। पति शैलेश कुमार पटेल दूध लेकर बाहर बेचने गया था। शैलेश 10 बजे के करीब वापस आया तो देखा कि कमरे में उसकी पत्नी जमीन पर खून से लथपथ पड़ी हुई थी। पति की चीख सुनकर स्थानीय लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी।

इसके बाद शैलेश ने अपने पास के रिश्तेदार शुभम को फोन कर बुलाया। शुभम ने मामले की सूचना 112 नंबर डायल कर पुलिस को दी। मौके पर एडीसीपी नीतू कात्यान, एसीपी नितिन तनेजा, फॉरेंसिक टीम, थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर पहुंचे।

सीता की 15 साल पहले हुई थी शादी
बताया जाता है कि सीता की शादी 15 साल पहले हुई थी। अभी कोई बच्चा नहीं था। उसके पति दो भाई हैं। छोटा भाई कमलेश, मां बेला देवी, पिता विक्रम पटेल, के साथ लक्ष्मणपुर गांव में रहता है। सीता अपने पति शैलेश के साथ गांव से कुछ दूरी पर निजी मकान बनाकर रहती थी।

और पढ़े  भीषण हादसा: गंगा एक्सप्रेसवे पर कुत्ता सामने आने से पलटी कार, 2 महिलाओं समेत तीन की मौत, छह घायल

सीता के पति सुबह पांच बजे आनंद गोल्ड दूध पैकेट को बेचने मार्केट में चले जाते थे। पत्नी घर से ही दूध की पैकेट की बिक्री करती थी। शैलेश प्रतिदिन 10 बजे आता था। इसके बाद सीता को पांडेयपुर स्थित आंगनबाड़ी में छोड़ने चले जाते थे। यहां वह बीएलओ का भी काम करती थी।

सीता की सास बेला देवी ने बताया कि सुबह मैं टहलते हुए आई तो मेरी बहू झाड़ू लगा रही थी। इस मामले में सीता के पति शैलेश की तहरीर के आधार पर थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर ने अज्ञात बदमाश के खिलाफ हत्या का प्राथमिक दर्ज करते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी थी।

हत्या के बाद भाग गए होटल
शुक्रवार को शिवपुर पुलिस की टीम ने हत्या मामले में मीरापुर बसही निवासी मोहित यादव (21) और नवलपुर निवासी अंजलि चौहान (21) को गिरफ्तार कर लिया। टीम ने दोनों को शिवपुर रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा था। मोहित और अंजलि के पास से एक जोड़ी कान का झुमका, एक चेन, एक अंगूठी, एक जोड़ी टप्स, एक जोड़ी छोटा कान का झुमका, नाक की एक कील, एक जोड़ी बिछिया, एक जोड़ी हाथ फूल सफेद धातु, एक करधनी, एक पैर का पायल औ 73640 रुपये नकद बरामद हुए हैं।

सीता के घर के पास रहता था मोहित, पढ़ें कबूलनामा
मोहित यादव अपनी पत्नी अंजलि चौहान के साथ सीता के घर के पास शारदा विहार कॉलोनी (लक्ष्मणपुर) में किराए पर रहता था। सीता से दूध खरीदने के दौरान मोहित का परिचय हो गया था। मोहित का घर पर आना-जाना था। आरोप है कि सीता की कोई संतान नहीं थी। इसलिए वह मोहित से संबंध स्थापित कर संतान उत्पन्न करना चाहती थी।

और पढ़े  मेरठ की मस्जिद से 'आतंकी' गिरफ्तार: जैश के चीफ मसूद अजहर को मानता है गुरु, जिहाद के लिए इसे बनाया था हथियार

आरोप है कि वह मोहित यादव पर दबाव बनाती थी। ऐसा न करने पर पुलिस से शिकायत कर फंसाने की धमकी देती थी। मोहित यादव ने पूरी बात को अपनी पत्नी अंजलि चौहान से शेयर किया। इसके बाद दोनों ने यह तय किया कि इसे रास्ते से हटा देते हैं। मोहित यादव व उसकी पत्नी अंजलि दोनों मिश्रा पांडेयपुर स्थित काली माता मंदिर के पास होम स्टेट में रुके हुए थे।

दोनों ने मिलकर रची थी साजिश
बीते 11 दिसंबर की सुबह सीता के घर के लिए चल दिए। मृतका के घर से पहले अंजलि चौहान रूक गई। उसका पति मोहित यादव पीछे के रास्ते से घर में घुसा और सीता के घर में पड़े पत्थर के सिल बट्टे व स्टील के ड्रम से सिर, चेहरे व गर्दन पर वार कर हत्या कर दी।

इसके बाद सीता के पहने हुए जेवर व अलमारी में रखे जेवरात, नगद रुपये लेकर घर से बाहर आया। उसके कपड़े पर खून लगा हुआ था, इसे छिपाने के लिए उसने पत्नी अंजलि की शाल ओढ़ ली। यहां से ऑटो पकड़कर भोजूबीर होते हुए वापस होम स्टे में आकर रूक गए।

टीम को 50 हजार रुपये मिलेंगे
शुक्रवार को बाहर भागने की फिराक में रेलवे स्टेशन शिवपुर आए थे, जहां गिरफ्तार होने के बाद घटना के समय पहने हुए कपड़े को एक झाड़ी में फेंकने की बात स्वीकार कर बरामद कराए गए। महिला और पुरुष के कब्जे से घटना कारित किए जाने के बाद सीता के जेवरात व घर से प्राप्त रुपये, दोनों बरामद हुए।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार सोनकर, उप निरीक्षक कृष्ण कुमार सरोज, उप निरीक्षक गौरव सिंह, उप निरीक्षक विद्यासागर चौरसिया, उप निरीक्षक भूपेंद्र कुमार, महिला उप निरीक्षक प्रतिभाशाही, हेड कांस्टेबल लवकुश कुमार, कांस्टेबल नीतीश कुमार तिवारी, कांस्टेबल बालमुकुंद मौर्य रहे। टीम को सराहनीय कार्य करने के लिए पुलिस आयुक्त द्वारा 50 हजार का पुरस्कार घोषित किया है।

और पढ़े  CM योगी ने PRD जवानों के लिए शुरू की कैशलेस चिकित्सा योजना, 600 रुपये होगा ड्यूटी भत्ता

Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या- मणि पर्वत मेले के साथ कंचन भवन में झूला उत्सव का हुआ भव्य शुभारंभ

    Spread the love

    Spread the love     रामनगरी की प्राचीन धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखने वाले कंचन भवन में मणि पर्वत मेले के दिन से भगवान के दिव्य झूला…


    Spread the love

    अयोध्या- रामजन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत थे महंत विश्वनाथ दास शास्त्री की 11वीं पुण्यतिथि पर संत समाज ने किया भावपूर्ण स्मरण

    Spread the love

    Spread the love     श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी संत, पूर्व सांसद एवं साकेतवासी महंत ब्रह्मचारी विश्वनाथ दास शास्त्री की 11वीं पुण्यतिथि पर श्रीरामानंद आश्रम दर्शन भवन, जानकीघाट में…


    Spread the love