उत्तरकाशी आपदा: मलबे में जिंदगी की तलाश…42 लोग अब भी लापता, नौ सेना के जवान भी शामिल

 

राली आपदा को एक सप्ताह का समय बीत गया है। भीषण आपदा से मलबे में दफन धराली बाजार में लापता लोगों की तलाश में सेना, आईटीबीपी, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ के जवान बचाव व राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। मौसम रेस्क्यू ऑपरेशन में बाधा बन रहा है। प्रशासन ने 42 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है, जबकि एक लापता का शव बरामद हुआ है।

 

राज्य में अकेले उत्तरकाशी में 70 फीसदी बगीचे तबाह

प्रदेश में अकेले उत्तरकाशी जिले में सेब, प्लम, खुमानी के 70 फीसदी बगीचे तबाह हो गए। आपदा ग्रामीणों के घर, बाग और बगीचे सब निगल गई। उद्यान विभाग की एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में 10480.18 हेक्टेयर बगीचों में से 7502.59 हेक्टेयर का उत्तरकाशी जिले में नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा उन्हें सड़क पर ले आई। उत्तरकाशी के धराली निवासी जय भगवान पंवार बताते हैं कि उनका होटल, घर और सेब के बगीचे सब आपदा में तबाह हो गया। गांव में पांच नाली भूमि पर उनके दो सौ सेब के पेड़ थे, घर और होटल था। जब वह इंटरमीडिएट में पढ़ते थे तभी से उन्होंने थोड़ा-थोड़ा जोड़कर शुरू किया था। स्थानीय माधवेंद्र सिंह रावत बताते हैं कि मलबे में कई ग्रामीणों के सेब के बगीचे दब गए। जिनके बचे हैं, सड़कें जगह-जगह बंद होने की वजह से वह अपनी फसलों को बाजार तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

02:23 PM, 12-Aug-2025

हर्षिल घाटी में बनी झील खोलने का प्रयास विफल, जेसीबी नदी में डूबी

हर्षिल घाटी में तेलगाड नदी के उफान पर आने से भागीरथी नदी में करीब एक किलोमीटर लंबी झील बन गई है। सोमवार को इस झील को खोलने के प्रयास के दौरान एक जेसीबी मशीन नदी में डूब गई। हालांकि मशीन चला रहे सेना के जवान ने कूदकर अपनी जान बचाई जिससे कोई हताहत नहीं हुआ। दरअसल 5 अगस्त को धराली की खीर गंगा में आई आपदा के बाद हर्षिल के पास तेलगाड के उफनाने से मलबा और पेड़ बहकर भागीरथी में आ गए थे, जिसने नदी का प्रवाह रोक दिया था। पिछले एक सप्ताह से बारिश के अनुसार इस झील का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। रविवार रात जलस्तर बढ़ने के बाद सोमवार को, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों के साथ झील का निरीक्षण किया। उन्होंने सेना को जेसीबी की मदद से झील का मुहाना खोलने और वन विभाग व एसडीआरएफ को मुहाने पर अटके पेड़ों को काटने के निर्देश दिए। सेना ने जैसे ही जेसीबी से मुहाना खोलने का प्रयास शुरू किया वह पहले ही प्रयास में असफल हो गई और मशीन झील में डूब गई। इसके बाद वन विभाग और एसडीआरएफ ने मानवीय प्रयास के तौर पर मुहाने पर अटके पेड़ों को काटकर झील को खोलने की कोशिश की। इस बीच, क्षेत्र में बारिश होने के बाद झील के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

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02:17 PM, 12-Aug-2025

खीर गंगा उद्गम स्थल पर झील का आकलन करेगी एमआरटी

श्रीखंड पर्वत की तलहटी में खीर गंगा के उद्गम स्थल में हिमनद झील की स्थित का आकलन करने के लिए माउंटेन रेस्क्यू टीम (एमआरटी) का गठन किया गया है। एमआरटी में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माउंटेनरिंग (निम) के अधिकारी शामिल रहेंगे। यह टीम वहां पर रैकी करेगी और जीपीएस, वीडियो और फोटो तकनीक से सर्वेक्षण करेगी। मौसम साफ रहने पर इस टीम को मंगलवार को रवाना किया जाएगा।
01:10 PM, 12-Aug-2025

आपदा के एक सप्ताह बाद भी कारण स्पष्ट नहीं

आपदा के लिए संवेदनशील उत्तराखंड राज्य में धराली आपदा ने व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। स्थिति यह है कि घटना के एक सप्ताह बाद भी अभी तक आपदा के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है।

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