38वें राष्ट्रीय खेल: उत्तराखंड ने तोड़ा वुशु में अब तक का रिकॉर्ड, इससे पहले राष्ट्रीय खेलों में नहीं मिले इतने पदक

38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने पांच दिन चली मार्शल आर्ट प्रतियोगिता वुशु में शानदार प्रदर्शन की बदौलत एक स्वर्ण सहित 12 पदक जीतकर अब तक का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। राज्य गठन के बाद अब छह राष्ट्रीय खेल हुए हैं। कभी ऐसा नहीं हुआ जब इस खेल में राज्य के खिलाड़ियों को इतने पदक मिले हों।

राष्ट्रीय खेलों की शुरुआत होते ही अन्य खेलों के मुकाबले खासकर वुशु में राज्य के खिलाड़ी पदक तालिका में बढ़त बनाए रहे। उत्तराखंड की बेटी ज्योति वर्मा ने कांस्य पदक जीतकर राज्य की झोली में पहला पदक दिया। इसके बाद अचोम तपस के स्वर्ण पदक जीतने से खिलाड़ियों का उत्साह दोगुना हो गया। इलाबाम इटाली चानू, फेब्रिस देवी व हर्षित शर्मा ने रजत पदक जीतकर राष्ट्रीय पदक तालिका में राज्य को टॉप 11 में पहुंचा दिया था।

प्रतियोगिता में राज्य को एक स्वर्ण, तीन रजत और आठ कांस्य पदक मिले। जबकि, इससे पहले 2023 में गोवा में हुए राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड को वुशु में मात्र एक कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा था। हर्षित शर्मा ने यह पदक जीता जिसने इस बार राज्य के लिए रजत पदक जीता है।

 

इससे पहले 2022 में गुजरात में हुए 22 वें राष्ट्रीय खेलों में राज्य को वुशु में कोई पदक नहीं मिला। हालांकि, अन्य खेलों में एक स्वर्ण सहित 18 पदक लेकर राज्य पदक तालिका में 26वें पायदान पर रहा। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद 2002 में आंध्र प्रदेश में, 2007 में असम में, 2011 में झारखंड, 2015 में केरल, 2022 में गुजरात और 2023 में गोवा में राष्ट्रीय खेल हो चुके हैं।

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वुशु में 23 राज्यों के 390 खिलाड़ियों के बीच 39 स्वर्ण सहित 136 पदकों के लिए मुकाबला हुआ। 28 जनवरी से शुरू होकर पांच दिन चली प्रतियोगिता संपन्न हो गई।
– शंभू सेठ, डीओसी

वुशु में जिन बच्चों ने शानदार प्रदर्शन किया इनमें से कुछ 2016-17 से प्रशिक्षण ले रहे थे। मुफ्त में इन बच्चों को प्रशिक्षण दिया गया। शुरुआत में हॉल न मिलने से कुछ दिक्कतें आईं, जगह न मिलने से यमुना कॉलोनी स्थित हॉल में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया गया।
– अंजना रानी, टीम कोच

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