हल्द्वानी- डेमोग्राफी बदलने की साजिश में मास्टरमाइंड फैजान समेत 3 गिरफ्तार, रईस को बनाया था उत्तराखंड का नागरिक

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गैर उत्तराखंडियों का फर्जी तरीके से स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाने वाले तहसील के अरायजनवीस फैजान को पुलिस ने रविवार को बनभूलपुरा से धर दबोचा। उसने बरेली के रहने वाले रईस का फर्जी सर्टिफिकेट बनाया था। इसके लिए उसने ऊर्जा निगम में तैनात उपनल कर्मी की मदद ली थी जिसने रईस नाम के किसी अन्य का बिल दिया था। इस बड़ी साजिश का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर उनकी रिमांड भी ली है।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने रविवार को पुलिस बहुउद्देशीय भवन में बताया कि बनभूलपुरा में फर्जी स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाने का मामला सामने आने पर तहसीलदार कुलदीप पांडे ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें मुख्य आरोपी मास्टरमाइंड फैजान निवासी गोपाल मंदिर के पास मुस्तफा चौक, नई बस्ती बनभूलपुरा को गिरफ्तार किया गया। फैजान तहसील में अरायजनवीस है। उसकी गिरफ्तारी के बाद रईस अहमद निवासी बरेली व हाल निवासी आस्ताना मस्जिद के पास नई बस्ती बनभूलपुरा और मूलरूप से मुनस्यारी के धामीपुरा और हाल निवासी हाइडिल गेट काठगोदाम ऊर्जा निगम में तैनात दिनेश सिंह दासपा को गिरफ्तार किया गया।

 

एसएसपी ने बताया कि फैजान मिलते-जुलते नाम वालों के प्रमाणपत्र की तलाश कर फर्जी तरीके से उत्तराखंड के बाहर के लोगों का स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनाता था। इस कार्य में उसकी मदद दिनेश सिंह दासपा करता था। आरोपी के पास हल्द्वानी के हजारों लोगों के बिजली कनेक्शन धारकों की सूची थी। वह फैजान से मिलते नाम के बिजली बिल को निकालकर दे देता था। बरेली निवासी रईस अहमद ने पैसे देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया था।

ये मामले दर्ज
आरोपी दिनेश के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके अलावा उस पर धोखाधड़ी का भी मुकदमा है। फैजान व रईस के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, दस्तावेजों की नकली प्रतियां बनाना और आपराधिक षड्यंत्र रचने की धारा में केस दर्ज हुआ है।

जांच में सामने आएगा, कितनों के बने प्रमाणपत्र
रिमांड पर लेने के बाद पुलिस फैजान से हर राज उगलवाएगी। सबसे पहले उनकी सूची सामने लानी है जिनका वह फर्जी प्रमाणपत्रों से स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवा चुका है। हालांकि प्रशासन भी पिछले पांच वर्षों के दौरान बने प्रमाणपत्रों की जांच शुरू कर चुका है।

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एसआईटी जांच करा सकती है पुलिस… एसएसपी ने कहा कि इसके लिए जरूरत पड़ी तो एसआईटी जांच का अनुरोध करते हुए इसके जरिये भी जांच को आगे बढ़ाया जा सकता है। यह प्रकरण प्रशासन से भी जुड़ा है। ऐसे में दोनों विभाग कार्य कर इसकी परत दर परत खोल सकते हैं।

रईस ने मैरिज सर्टिफिकेट भी बनवाया
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि रईस ने स्थायी निवास प्रमाणपत्र बनवाने के बाद अपणि सरकार एप के जरिये मेरिज सर्टिफिकेट भी हासिल कर लिया। वह इसी जाली दस्तावेज के सहारे उत्तराखंड का निवासी भी बन गया। पुलिस पता लगा रही है कि रईस ने और किन-किन योजनाओं का लाभ लिया है।


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