सनातन धर्म की भक्ति और श्रद्धा का अनूठा दृश्य उस समय दिखाई दिया जब पुणे (महाराष्ट्र) से लगभग 2300 श्रद्धालु काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के बाद अयोध्या पहुँचे। श्रद्धालुओं का यह विशेष जत्था अयोध्या और काशी की संयुक्त यात्रा पर निकला है, जिसका उद्देश्य धर्म और संस्कृति के प्रति आस्था का संदेश फैलाना है।
इस विशाल यात्रा का आयोजन पुणे के प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया। मुख्य आयोजकों में रहे

रामभाऊ दाभाड़े (मा. सदस्य जिला परिषद, पुणे वाघेली),
महेंद्र भड़ले (मा. उपसरपंच, वाघोली),
संदीप (आबा) सातव (जिलाध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा पुणे, उपसरपंच वाघेली, सदस्य पुणे मनपा शा.नि. समिती एवं अध्यक्ष रत्नदीप सोशल फाउंडेशन),
रत्नमाला संदीप सातव (अध्यक्ष, रत्नदीप सोशल फाउंडेशन)।
अयोध्या पहुँचते ही पुणे से आए श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत हुआ। तत्पश्चात सभी ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दिव्य दर्शन कर आत्मिक संतोष और अलौकिक अनुभूति प्राप्त की। दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजन कर देश, समाज और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके बाद श्रद्धालुओं ने हनुमानगढ़ी पहुँचकर बजरंगबली के चरणों में नमन किया और कनक भवन, सरयू तट सहित अन्य पावन स्थलों पर भी दर्शन-पूजन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
यात्रा आयोजकों का कहना है कि पुणे से चलकर काशी और अयोध्या तक की इस धार्मिक यात्रा ने न केवल श्रद्धालुओं को अध्यात्मिक आनंद दिया बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश भी दिया है।







