2025 रक्षाबंधन:- इस बार 7 घंटे 37 मिनट ही रहेगा राखी बांधने का शुभ मुर्हूत, अयोध्या के विद्वानों ने बताया शुभ समय

 

भाई-बहन के असीम प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार नौ अगस्त को मनाया जाएगा। शनिवार को श्रावण पूर्णिमा के दिन सुबह से दोपहर 2:24 तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद भी दिनभर शुभ योग बने रहेंगे। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। बहनें दिन में कभी भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकेगी। बहनों को राखी बांधने के लिए सात घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा।

ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार जब भद्रा भूलोक पर होती है तब शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस बार ऐसी कोई स्थिति नहीं होगी। अतः बहनें दिनभर राखी बांध सकती हैं। इतना ही नहीं इस बार यह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग वाला दिन रहेगा। ऐसा संयोग कई वर्षों पूर्व बना था। बताया कि नौ अगस्त शनिवार को श्रवण नक्षत्र रहेगा। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, जिसकी स्वामिनी शनि है और शनिवार का स्वामी भी शनि है। श्रवण नक्षत्र स्वयं शनि की राशि में आता है और शास्त्रों के अनुसार श्रवण नक्षत्र के अधिपति विष्णु हैं, जबकि सौभाग्य योग के अधिपति ब्रह्मा है। इसलिए यह पर्व ब्रह्मा-विष्णु की साक्षी में संपन्न होगा, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से और पावन बना देता है।

 

रक्षाबंधन पर तीन शुभ संयोग भी बन रहे

प्रवीण शर्मा के अनुसार राखी बांधने का सबसे शुभ समय सुबह 5:47 बजे से दोपहर 1:24 बजे तक रहेगा। इस दौरान कुल सात घंटे 37 मिनट तक बहनें भाई की कलाई पर राखी बांध सकते हैं। आचार्य ने बताया कि इस दिन सूर्य कर्क, चंद्र मकर, मंगल कन्या, बुध कर्क, गुरु और शुक्र मिथुन, राहु कुंभ और केतु सिंह राशि में रहेंगे। सौभाग्य योग, शोभन योग और सर्वार्थसिद्धि योग जैसे तीन शुभ संयोग बन रहे हैं। ये योग सभी राशियों के जातकों के लिए फलदायक रहेंगे।

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