भाई-बहन के असीम प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन इस बार नौ अगस्त को मनाया जाएगा। शनिवार को श्रावण पूर्णिमा के दिन सुबह से दोपहर 2:24 तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। इसके बाद भी दिनभर शुभ योग बने रहेंगे। इस बार रक्षाबंधन पर भद्रा का प्रभाव नहीं रहेगा। बहनें दिन में कभी भी अपने भाई की कलाई पर राखी बांध सकेगी। बहनों को राखी बांधने के लिए सात घंटे 37 मिनट का समय मिलेगा।
ज्योतिषाचार्य पंडित प्रवीण शर्मा ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार जब भद्रा भूलोक पर होती है तब शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। इस बार ऐसी कोई स्थिति नहीं होगी। अतः बहनें दिनभर राखी बांध सकती हैं। इतना ही नहीं इस बार यह ग्रह-नक्षत्रों की दृष्टि से अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग वाला दिन रहेगा। ऐसा संयोग कई वर्षों पूर्व बना था। बताया कि नौ अगस्त शनिवार को श्रवण नक्षत्र रहेगा। इस दिन चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे, जिसकी स्वामिनी शनि है और शनिवार का स्वामी भी शनि है। श्रवण नक्षत्र स्वयं शनि की राशि में आता है और शास्त्रों के अनुसार श्रवण नक्षत्र के अधिपति विष्णु हैं, जबकि सौभाग्य योग के अधिपति ब्रह्मा है। इसलिए यह पर्व ब्रह्मा-विष्णु की साक्षी में संपन्न होगा, जो इसे आध्यात्मिक दृष्टि से और पावन बना देता है।
रक्षाबंधन पर तीन शुभ संयोग भी बन रहे







