जम्मू- हादसे में 20 लोगों की मौत: ब्लाइंड मोड़ और बेकाबू बस, पहाड़ी से गिरते ही मलबे में तब्दील, लाशें ही लाशें

म्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सोमवार को एक यात्री बस पहाड़ी से नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में 20 यात्रियों की मौत हो गई और कई घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब 10 बजे राम नगर इलाके के कागोर्ट गांव के पास हुई।

बस एक दूरदराज के गांव से उधमपुर जा रही थी। यह दुर्घटना तब हुई जब बस राम नगर इलाके में एक ब्लाइंड मोड़ से गुजर रही थी। बस चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस पलट गई और पहाड़ी से नीचे गिर गई। 

बस खाई में गिरते ही मलबे में तब्दील हो गई। बस में सवार लोगों की चीख-पुकार मच गई। हादसे के सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। स्थानीय लोग सबसे पहले घटनास्थल पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।

 

उन्होंने क्षतिग्रस्त बस के अंदर फंसे घायलों को बाहर निकालने का प्रयास किया। पुलिस और अन्य भी जल्द ही बचाव अभियान में शामिल हो गए। उनका मुख्य उद्देश्य पीड़ितों को सुरक्षित निकालना और दुर्घटनास्थल को साफ करना था। देखते ही देखते बस से मलबे से लाशें निकलना शुरू हुई।
सड़क पर लाशों का ढेर लग गया। वाहन के मलबे से कुल 20 शव बरामद किए गए। वहीं, 20 घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
केंद्रीय मंत्री का हस्तक्षेप
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दुर्घटना के बाद उधमपुर के उपायुक्त मिंगा शेरपा से बात की। उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल पीड़ितों को एयरलिफ्ट करने की व्यवस्था की जा रही है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में इस दुखद सड़क दुर्घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की। 
उन्होंने कहा कि बचाव अभियान तुरंत शुरू कर दिया गया है और सभी संभव सहायता दी जा रही है। यह दुर्घटना रामनगर से उधमपुर जा रही एक सार्वजनिक परिवहन बस से संबंधित थी।

और पढ़े  माता वैष्णो देवी- हेलिकॉप्टर का किराया 15 प्रतिशत बढ़ा, अगले महीने की इस तारीख से लागू होंगी नई दरें
पीएम मोदी ने जताया शोक
भीषण बस हादसे में 20 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोगों के घायल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है। साथ ही उन्होंने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50 हजार की सहायता दी जाएगी।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी हादसे पर दुख जताते हुए प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस दुखद घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गहरा शोक व्यक्त किया
राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि वह इस हादसे में हुई जानमाल की क्षति से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
  • Related Posts

    माता वैष्णो देवी- हेलिकॉप्टर का किराया 15 प्रतिशत बढ़ा, अगले महीने की इस तारीख से लागू होंगी नई दरें

    श्री माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को अब हेलिकॉप्टर यात्रा के लिए अधिक जेब ढीली करनी पड़ेगी। श्राइन बोर्ड ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती कीमतों…

    चेतावनी: हिमालय में बढ़ती गर्मी से पिघल रहे जम्मू-कश्मीर के ग्लेशियर, अधिक हो रहा है जल जनित आपदाओं का जोखिम

    जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्र में बढ़ते खतरे अब गंभीर रूप लेते जा रहे हैं। एक नए वैज्ञानिक अध्ययन के अनुसार, बढ़ता तापमान, बर्फबारी के बदलते पैटर्न और तेजी…