मुनाफे का सपना दिखाकर सेवानिवृत्त नेवी अफसर से ठगे 2.23 करोड़, अवैध एप के जाल में फंसे बुजुर्ग

साइबर जालसाजों ने सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार निवासी सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी को शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर 2.23 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। जालसाजों ने खुद को प्रतिष्ठित ब्रोकरेज कंपनी अपस्टॉक्स का प्रतिनिधि बताकर पहले व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया, फिर फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड कराया। इसके बाद ठगी की वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

सेक्टर-21 जलवायु विहार निवासी 73 वर्षीय बुजुर्ग नेवी के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्हें 10 जून 2026 को व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला। संदेश में ब्रोकरेज कंपनी अपस्टॉक्स का लोगो लगा हुआ था और ऑनलाइन ट्रेडिंग से अच्छा मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। इसके साथ ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का एक फॉर्म भी भेजा गया। भरोसा होने पर उन्होंने फॉर्म भर दिया।
14 जून को  साइबर ठगों ने आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो लेकर ऑनलाइन केवाईसी पूरी कराई। फिर उन्हें एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया। शुरुआत में ठगों ने कुछ छोटे निवेश पर मुनाफा दिखाया, जिससे पीड़ित का विश्वास पूरी तरह जीत लिया। इसके बाद उन्होंने लगातार बड़ी रकम निवेश करनी शुरू कर दी।
एफआईआर के अनुसार 15 जून से 21 जुलाई के बीच पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब उन्होंने अपने निवेश में से 1.85 करोड़ रुपये निकालने का प्रयास किया तो ठगों ने कहा कि निकासी से पहले 62.51 लाख रुपये सर्विस फीस जमा करनी होगी। पीड़ित ने यह राशि जमा कर दी। इसके बाद भी रकम उनके खाते में नहीं आई। इसी दौरान पीड़ित को शक हुआ। वह सच्चाई जानने के लिए 27 जुलाई को मुंबई स्थित अपस्टॉक्स के कार्यालय पहुंचे।

वहां अधिकारियों ने उन्हें बताया कि इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं और कंपनी का नाम व लोगो इस्तेमाल कर साइबर अपराधी लोगों से ठगी कर रहे हैं। इसके बाद पीड़ित ने नोएडा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि जांच के दौरान उन सभी बैंक खातों का विवरण जुटाया जा रहा है, जिनमें पीड़ित ने रकम ट्रांसफर की गई है।

फर्जी ट्रेडिंग एप से ठगी में तेजी
साइबर एक्सपर्ट व पूर्व आईपीएस प्रो. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि  हाल के महीनों में फर्जी ट्रेडिंग ऐप और निवेश के नाम पर साइबर ठगी के मामलों में तेजी आई है। साइबर अपराधी प्रतिष्ठित ब्रोकरेज कंपनियों के नाम और लोगो का दुरुपयोग कर लोगों का विश्वास जीतते हैं।

साइबर अपराधियों ने सबसे पहले व्हाट्सएप पर अपस्टॉक्स का लोगो लगाकर ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का प्रस्ताव भेजा। केवाईसी कराने के बाद एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया। शुरुआती निवेश पर नकली मुनाफा दिखाकर भरोसा बढ़ाया गया और धीरे-धीरे 2.23 करोड़ रुपये अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा लिए गए।

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निवेश से पहले बरतें ये सावधानियां 

  • किसी भी व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया लिंक से ट्रेडिंग एप डाउनलोड न करें।
  • केवल संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत एप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करें।
  • निवेश से पहले यह सुनिश्चित करें कि प्लेटफॉर्म सेबी से पंजीकृत है।
  • अत्यधिक मुनाफे का दावा करने वाले ऑफर से सावधान रहें। निकासी के लिए सर्विस फीस या शुल्क मांगने पर तुरंत सतर्क हो जाएं।
  • साइबर ठगी की आशंका होने पर 1930 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं।
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