अफगानिस्तान ने दावा किया है कि पाकिस्तान ने एक बार फिर उसके क्षेत्र में हवाई हमले किए हैं, जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए। इन हमलों के बाद दोनों पड़ोसी देशों के बीच पहले से चल रहा तनाव और बढ़ गया है। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बुधवार को बताया कि पाकिस्तानी हवाई हमले अफगानिस्तान के खोस्त, कुनार और पक्तिका प्रांतों में किए गए। उनके अनुसार हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हुई है।
पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव
तालिबान सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे नागरिकों को निशाना बनाने वाली कार्रवाई बताया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इन हमलों को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या पुष्टि नहीं की गई है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच पिछले कई महीनों से सीमा पर तनाव बना हुआ है। फरवरी के अंत से दोनों देशों के बीच लगातार संघर्ष और जवाबी कार्रवाइयां हो रही हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है।
टीटीपी को लेकर पाकिस्तान लगाता रहा है आरोप
दरअसल, पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल ऐसे आतंकवादी संगठन कर रहे हैं, जो पाकिस्तान के भीतर हमले करते हैं। विशेष रूप से पाकिस्तान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को लेकर चिंता जताता है। पाकिस्तान का कहना है कि टीटीपी के लड़ाके अफगानिस्तान में शरण लेकर पाकिस्तान में आतंकी हमले करते हैं।
अफगान तालिबान से अलग संगठन टीटीपी
टीटीपी, अफगान तालिबान से अलग संगठन है, लेकिन दोनों के बीच वैचारिक और रणनीतिक संबंध माने जाते हैं। अफगानिस्तान में 2021 में अमेरिकी नेतृत्व वाली सेनाओं की वापसी के बाद तालिबान ने सत्ता संभाली थी। तब से पाकिस्तान लगातार काबुल पर टीटीपी को पनाह देने का आरोप लगाता रहा है।
पाकिस्तान के आरोपों को तालिबान सरकार ने किया है खारिज
हालांकि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को खारिज करती रही है। उसका कहना है कि वह किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देती। ताजा हवाई हमलों के बाद क्षेत्र में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं हुई तो सीमा पर संघर्ष और तेज हो सकता है।







