हल्द्वानी- 46 करोड़ की देनदारी में डूबा हल्द्वानी नगर निगम, 14 साल बाद भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव

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ल्द्वानी में कुमाऊं के सबसे बड़े नगर निगम की तिजोरी तो खाली है ही, ऊपर से 46 करोड़ रुपये की देनदारी अलग। इसमें सड़क निर्माण का 20 करोड़, स्ट्रीट लाइट बिल का 10 करोड़, स्वास्थ्य अनुभाग का 14 करोड़ समेत अन्य मदों का दो करोड़ बकाया शामिल है। निगम की हालत खस्ता होने से वार्डाें में विकास कार्य ठप हैं।

शहरवासी सफाई व्यवस्था, पथ प्रकाश, ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। हल्द्वानी नगरपालिका को वर्ष 2011 में नगर निगम का दर्जा मिला। पहले 25 वार्ड थे, सात साल बाद निगम का विस्तार किया गया और 2018 में वार्डाें की संख्या 60 पहुंच गई लेकिन निगम बनने के 14 साल बाद भी कोई खास बदलाव नजर नहीं आया है। वर्तमान में ऐसी नौबत आ चुकी है कि बकाया ज्यादा होने के कारण सड़क निर्माण से हाथ पीछे खींच लिए हैं। फिलहाल निगम कोई भी कार्य अपनी जेब से नहीं करवा सकता है।

 

ये हैं निगम के मुख्य कार्य

सफाई, पथ प्रकाश, सड़क व नाली निर्माण, ड्रेनेज, आवारा पशुओं पर नियंत्रण, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करना।

साल भर की कमाई केवल तीन करोड़

नगर निगम में 1200 अधिकारी और कर्मचारी तैनात हैं, इनमें 1028 पर्यावरण मित्र हैं। करीब 400 रिटायर कर्मी हैं। इन कर्मचारियों पर हर माह वेतन और पेंशन पर चार करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं जबकि सालभर की कमाई 15 से 16 करोड़ तक है। शासन से मिलने वाली 28 करोड़ रुपये की ग्रांट कर्मचारियों के वेतन पर खर्च हो रही है। विकास कार्यों के लिए बजट न होने का एक कारण यह भी है।

राजस्व वसूली में भी पीछे

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नगर निगम की आय का मुख्य स्रोत भवन व स्वच्छता कर है। इसी मद से निगम को सबसे अधिक आय होती है। निगम से मिली जानकारी के अनुसार यह टैक्स अभी निगम के पुराने वार्डों के 25 हजार भवनों से वसूला जा रहा है। इनमें कॉर्मिशयल प्रॉपर्टी भी शामिल है जबकि नए वार्डाें में करीब पांच हजार व्यावसायिक भवनों से टैक्स वसूलता है। अब तक 1200 से ही 66 लाख का टैक्स मिला है। नए वार्डों के भवनों से वर्ष 2028 से हाउस टैक्स लेना है। इसी तरह निगम अपनी 1250 दुकानों से किराया वसूली, करीब ढाई हजार फड़-ठेले से रोजाना तहबाजारी भी वसूलता है।

कैसे बढ़ेंगे आय के साधन

निगम के अधिकारियों के अनुसार आय बढ़ाने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। दुकान किराया बढ़ाने, नए वार्डों से कॉर्मिशयल प्रतिष्ठानों से टैक्स वसूली, पार्किंग स्थल चिह्नित करने के साथ ही नए कांप्लेक्स बनाने पर विचार किया जा रहा है।

निगम की आय के साधन

 

मद                         आय

कूड़ा यूजर चार्ज       4 करोड़

हाउस टैक्स            5.50 करोड़

होर्डिंग, यूनिपोल      3.46 करोड़

दुकान किराया         1..25 करोड़

तहबाजारी                95 लाख

तीन साल से वार्ड के आनंदपुरी में जलभराव की समस्या बनी है। बरसात में समस्या खड़ी होने पर केवल आश्वासन दिया जाता है, उनके वार्ड में चलने वाली कूड़ा गाड़ी को दूसरे वार्ड में भी चलाया जा रहा है।-राजेंद्र सिंह जीना, वार्ड-नौ तल्ली बमौरी

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नरीमन चौराहे को पर्यटकों की दृष्टि से संवारा गया है लेकिन वहीं कूड़ेदान ने शोभा बिगाड़ दी है। वार्ड में कई जगह नालियों के जाल उखड़ गए हैं। लोगों को आवाजाही में खतरा बना हुआ है लेकिन निगम प्रशासन कोई सुनवाई नहीं कर रहा है। निगम को आय बढ़ाने के लिए सख्त कदम उठाने चाहिए।-बबली वर्मा, पार्षद वार्ड-एक रानीबाग-काठगोदाम

वार्ड के दो बदहाल पार्काें के जीर्णोंद्धार की मांग उठाई थी जिस पर अब तक कुछ नहीं हुआ। कूड़ाघर संग्रह बनाया गया है। रात भर वाहनों में कूड़ा पड़ा रहने से वार्डवासियों का जीना दूभर हो गया है जिसे शिफ्ट करना जरूरी है।-हरगोविंद रावत पार्षद वार्ड-18 भोलानाथ गार्डन

ग्रामीण क्षेत्रों को निगम में शामिल तो कर लिया लेकिन सुविधाएं अब तक नहीं मिली हैं। कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। सफाई कर्मचारियों की मनमानी जारी है। गूलों की सफाई पट है। यूयूएसडीए सड़क बनाकर नाली का निर्माण नहीं कर रहा है।-भागीरथी बिष्ट, पार्षद वार्ड-56

नगर निगम की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिन मदों पर खर्च अधिक हो रहा है, उसमें बचत करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही निगम की आय में बढ़ोतरी होगी।-परितोष वर्मा, नगर आयुक्त नगर निगम

नगर निगम की आय बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है। खाली भूमि पर फूड प्लाजा बनाने के लिए निगम को आवेदन मिले हैं। इसके अलावा अन्य स्रोतों से भी आय के स्रोत बढ़ेंगे।-गजराज सिंह बिष्ट, मेयर


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