नैनीताल : नंदा देवी महोत्सव :- 11 सितंबर से नंदामय होगा नैनीताल का वातावरण..

11 सितंबर से नैनीताल का वातावरण पूरी तरह से नंदामय नजर आएगा। राम सेवक सभा ने नंदा देवी महोत्सव की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और सात दिनों तक चलने वाले धार्मिक आयोजनों को भी अंतिम रूप दे दिया है। महोत्सव के दौरान कोरोना गाइड लाइन का पालन करना होगा। भक्त माता के दर्शन तो कर सकेंगे लेकिन माता नंदा सुनंदा के डोले (झांकी) को नगर भ्रमण नहीं कराया जाएगा।

बृहस्पतिवार को श्री राम सेवक सभा महासचिव जगदीश बवाड़ी ने बताया कि यह दूसरी बार है कि महोत्सव का आयोजन धूमधाम से नहीं हो रहा है। महोत्सव के दौरान मंदिर में प्रवेश और निकासी के लिए अलग अलग द्वार होंगे। मंदिर परिसर में पंडितों की ओर से कराए जाने वाला पाठ भी प्रतिबंधित रहेगा। नगर में न तो डोला निकाला जाएगा और न ही भंडारा आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि डीएसए पार्किंग और मंदिर गेट के पास भव्य गेट बनाए जाएंगे। श्रद्धालु घर बैठे धार्मिक अनुष्ठान देख सकें इसके लिए सीधा प्रसारण होगा। साथ ही पंत पार्क, श्रीराम सेवक सभा, तल्लीताल और माल रोड समेत पांच जगहों पर एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी। बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से सिर्फ चार छोलिया दलों को आमंत्रित किया गया है। पत्रकार वार्ता में सभा अध्यक्ष मनोज साह, विमल चौधरी, प्रो. ललित तिवारी, गिरीश जोशी, मुकेश जोशी मंटू, किशन नेगी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

इस तरहा होगा महोत्सव का कार्यक्रम –

– 11 सितंबर को पूजा-अर्चना के बाद दल कदली वृक्ष लेने सड़ियाताल जाएगा।
– 12 सितंबर को दल कदली वृक्ष लेकर नैनीताल पहुंचेगा और तल्लीताल स्थित वैष्णो देवी मंदिर और सूखाताल में पूजा अर्चना के बाद कदली वृक्ष नयना देवी मंदिर लाए जाएंगे।
– 13 सितंबर को मूर्ति निर्माण होगा।
– 14 सितंबर को ब्रह्म मुहूर्त में मूर्तियों में प्राण प्रतिष्ठा और पूजन, पंच आरती के बाद भक्तों के दर्शनार्थ रखी जाएंगी, रात्रि देवी पूजन और देवी भोग
– 15 सितंबर को प्रात: पूजन, दुर्गा सप्तशती पाठ, हवन, कन्या पूजन, पंच आरती, रात्रि दवी पूजन व देवी भोग
– 16 सितंबर को प्रात: पूजन, सुंदरकांड व नंदा चा लीसा पाठ, पंच आरती, रात्रि देवी पूजन और देवी भोग
– 17 सितंबर प्रात: पूजन, देवी पूजन एवं भोग, मूर्ति विसर्जन (मां नयना देवी मंदिर परिसर)

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