थराली / चमोली : गणतंत्र दिवस- बर्फवारी और कोरोना पर राष्ट्र प्रेम भारी।

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राष्ट्र से प्रेम,संविधान में विश्वास और आजादी के महान बलिदानियों के प्रति सम्मान हो तो भारी बर्फवारी की सर्दीली हवाओं में भी भारतीयता की शान-वो-शौकत राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा को लहराने में भला कोई कैसे पीछे रह सकते हैं।

ऐसा ही राष्ट्र प्रेम की जीवटता की मिसाल पेश की है जनपद चमोली के अति दूरस्थ क्षेत्र और दूसरे शब्दों में कहें तो मानवीय आबादी का अंतिम गांव “वाण” के महिलाओं और उनके छोटे छोटे नौनिहालों ने।कोविड-19 के चलते आजकल स्कूलें बंद हैं तो ऐसे में लोगों के बच्चों को पिछले कोरोनाकाल के समय में गणतंत्र दिवस हो या स्वतंत्रता दिवस हो इन दोनों ऐतिहासिक महत्व के अवसरों पर घर पर ही बैठे रहना पड़ा है। इससे स्कूली बच्चों में मायूसी भी देखने को मिली।

बच्चों की इसी मायूसी को दूर करने और उनमें राष्ट्र प्रेम की भावना को सिखाने के लिए वाण गांव के सामाजिक कार्यकर्ता हीरा सिंह गढ़वाली ने गांव की सभी महिलाओं और उनके नौनिहालों को गणतंत्र दिवस पर चारों ओर भारी बर्फ के बाबजूद एकत्र कर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और महिलाओं व बच्चों ने इस अवसर पर राष्ट्रगान गाकर भारत माता के जयकारे लगाए।

स्थानीय बोली में महिलाओं और बच्चों ने देशभक्ति के गीत भी इस अवसर पर गाकर अपने बच्चों को भी गीत गाने के लिए प्रेरित किया।

आप अपनी टीवी स्क्रीन पर साफ देख सकते हैं कि चारों ओर कितनी बर्फ गिरी हुई है और सभी बर्फीली हवाओं व ठंड को भूलकर स्थानीय भेष-भूषा में राष्ट्र प्रेम में खोये हुए हैं।सलाम करते हैं हम आपके राष्ट्र प्रेम को।

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