केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन का भी विकेट गिरा, निशंक और बाबुल सुप्रियो समेत कई मंत्रियों ने दिया इस्तीफा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल का आज यानी बुधवार को विस्तार होने जा रहा है। शाम 6 बजे नए मंत्री शपथ लेंगे। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दो साल पूरे होने के बाद पहली बार कैबिनेट में बदलाव होने जा रहा है। नई कैबिनेट में कई युवा चेहरों को मौका मिल सकता है। साथ ही अगले साल जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होना है, उनको भी कैबिनेट विस्तार में अहमियत मिल सकती है। कैबिनेट विस्तार से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन समेत दर्जन भर मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है। मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने वाले मंत्रियों में निशंक और हर्षवर्धन के अलावा स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौधरी, महिला बाल विकास मंत्री देबोश्री चौधरी, उर्वरक और रसायन मंत्री सदानंद गौड़ा, श्रम राज्य मंत्री संतोष गंगवार, शिक्षा राज्य मंत्री संजय धोत्रे, बाबुल सुप्रियो, प्रताप सारंगी और रतन लाल कटारिया से भी इस्तीफा लिया जा चुका है। केंद्रीय सामाजिक न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत ने मंगलवार को ही इस्तीफा दे दिया था। उन्हें कर्नाटक का राज्यपाल बनाया गया है। प्रधानमंत्री मोदी की कैबिनेट विस्तार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश के चार चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। इन चेहरों में से दा को कैबिनेट और दो को राज्य मंत्री का पद दिया जा सकता है। अभी तक यूपी से जिन नामों की चर्चा हो रही है, उसमें अनुप्रिया पटेल और कौशांबी से सांसद विनोद सोनकर का नाम लगभग फाइनल हो चुका है। वहीं खीरी से सांसद अजय कुमार मिश्र और राज्यसभा सांसद बीएल वर्मा का भी नाम लिस्ट में बताया जा रहा है। सभी प्रधानमंत्री आवास पर पहुंचे हैं।

और पढ़े  राजधानी में मनमानी: रक्षाबंधन पर घर जाना हुआ महंगा, त्योहार के कारण यात्रियों की बेरहमी से काटी जा रही है जेब
  • Related Posts

    दिल्ली: आपके काम की खबर:- 35 से ज्यादा सड़कों पर बदलेगी ट्रैफिक व्यवस्था, कई जगह दोपहर बाद तक डायवर्जन

    दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से पहले मोटरकेड रिहर्सल को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। अधिकारियों ने बताया कि दो सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी की कई…

    अलर्ट: 2 साल बाद दिल्ली में स्वाइन फ्लू के मामलों का टूटा रिकॉर्ड, यमुनापार के अस्पतालों में बढ़े मरीज

    दिल्ली में दो साल बाद स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के मामलों का रिकॉर्ड टूट गया है। वर्ष 2024 के बाद सबसे ज्यादा स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई…