करवाचौथ 2021 – उत्तराखंड : करवाचौथ पर बाजारों में सुबह से उमड़ रही भीड़, चारों तरफ दिख रही रौनक ।

रविवार को मनाए जाने वाले करवाचौथ के व्रत को लेकर महिलाओं ने पूरी तैयारी कर ली है। व्रत को लेकर उत्तराखंड के बाजारों में शनिवार को सुबह से ही शहर के मुख्य सभी बाजारों में महिलाओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। खास तौर पर मेहंदी लगवाने वालों के पास महिलाएं लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार कर रही थी।

इसके अलावा बाजार में बैंग्लस स्टोर की दुकानों पर भी दिनभर भीड़ लगी रही। सभी दुकानों पर महिलाएं चूड़ियां, हाथों में मेहंदी आदि के साथ-साथ श्रंगार का सामान खरीदती रही। इसके अलावा फल, मिठाइयां, मट्ठी, फेनियां आदि की खरीदारी की। राजधानी देहरादून के पलटन बाजार में इतनी भीड़ उमड़ी रही कि पैर रखने तक की जगह नहीं मिली।
महिलाओं के लिए करवा चौथ का विशेष महत्व होने के कारण सभी महिलाएं इस दिन अपने पति की लंबी आयु की कामना को लेकर उपवास रखती हैं। हिंदू संस्कृति में करवाचौथ के त्योहार का महिलाओं के लिए विशेष महत्व है। शाम को मंदिरों में जाकर कथा सुनने के बाद व चंद्रमा को अर्घ्य देकर और पति के हाथ से आहार लेकर अपना व्रत पूरा करती हैं।

कुंवारी कन्याएं उपवास रखकर सुंदर वर पाने के लिए मां गौरी की पूजा करती हैं। हरिद्वार में ज्वालापुर कटहरा बाजार, सर्राफा बाजार, ज्वालापुर स्टेशन के पास बाजार, चौकी बाजार, कनखल के झंडा चौक बाजार, सर्राफा बाजार कनखल वहीं हरिद्वार के रानीपुर मोड़, पुराना रानीपुर मोड़, मध्य हरिद्वार, उत्तरी हरिद्वार, शिवालिकनगर में स्थित दुकानों पर शनिवार को महिलाओं की भीड़ रही।
पिछले समय के दौरान कोरोना को लेकर दुकानदारों समेत सभी धंधों में मंदी का असर साफ देखा गया था। लेकिन इस बार कोरोना का असर कुछ कम होने के कारण और दुकानों में ग्राहक आने पर दुकानदारों के चेहरे खिले दिखाई दिए। दुकानदार संजीव सिंघल ने कहा कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार सामान की बिक्री ज्यादा हो रही है। डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि सूर्य देव आरोग्य और दीर्घायु का आशीर्वाद प्रदान करते हैं। इस दिन महिलाएं सूर्य देव का भी पूजन कर पति की दीर्घायु की कामना करें। रोहिणी नक्षत्र में चांद निकलेगा और पूजन किया जाएगा।कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि इस साल 24 अक्तूबर रविवार सुबह 3:01 बजे शुरू होगी, जो अगले दिन 25 अक्तूबर को सुबह 5:.43 बजे तक रहेगी। इस दिन चांद निकलने का समय 8 :11 बजे है। पूजन के लिए शुभ मुहूर्त 24 अक्तूबर को शाम 6:55 से 8:51 बजे तक रहेगा।सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर लें। इसके बाद सरगी के रूप में मिला हुआ भोजन करें। पानी पिएं और गणेश जी की पूजा करके निर्जला व्रत का संकल्प लें। पूजा के लिए शाम के समय एक मिट्टी की वेदी पर सभी देवताओं की स्थापना कर इसमें करवा रखें। एक थाली में धूप, दीप, चंदन, रोली, सिंदूर रखें और घी का दीपक जलाए। पूजा चांद निकलने के एक घंटे पहले शुरू कर दें और चांद देखने के बाद व्रत खोलें।

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