इस साल चारधाम यात्रा के किराए में होगी 12 से 15 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद भी देश के कोने कोने से हजारों श्रद्धालुओं ने यात्रा मार्ग पर जाने के लिए तकरीबन 700 बसों की अग्रिम बुकिंग ऋषिकेश से करवा दी है। बसों की लगातार हो रही बुकिंग को देखते हुए यात्रा कराने वाले परिवहन व्यवसायियों के चेहरे खिले हुए है। वहीं यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं की जेब पर इस बार चार धाम का किराया अधिक बोझ डालेगा। दरअसल, 2019 के बाद परिवहन व्यवसायियों ने अब चारधाम यात्रा के लिए 12% से 15% किराए में वृद्धि कर दी है। परिवहन व्यवसायियों का तर्क है कि पिछले तीन सालों में डीजल के दाम करीब 20 से 25 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ चुके हैं।
वी.ओ : बता दें हर वर्ष चारधाम यात्रा का संचालन 9 परिवहन कंपनियों की सहमति से संयुक्त रोटेशन व्यवस्था के तहत किया जाता है, लेकिन इस बार संयुक्त रोटेशन व्यवस्था का गठन नहीं होगा। यात्रा संचालित करने वाली सभी परिवहन कंपनियां इस बार सेल्फ बुकिंग लेकर यात्रा कराने के मूड में दिखाई दे रही हैं। रोटेशन व्यवस्था समिति का गठन नहीं हुआ तो हर वर्ष यात्रा के शुभारंभ अवसर पर होने वाला भव्य कार्यक्रम भी शायद इस बार नहीं होगा। बता दें कि चार धाम यात्रा के शुभारंभ अवसर पर ज्यादातर बतौर मुख्य अतिथि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बसों को हरी झंडी दिखाने के लिए ऋषिकेश पहुंचते रहे हैं।









