उत्तराखंड : सेब के पेड़ की सुरक्षा के लिए डीआईजी ने तैनात किए सिपाही, पढ़ें क्या है पूरा मामला..

डीआईजी गढ़वाल के बंगले के बाहर एक सेब के पेड़ की रखवाली के लिए पुलिस कर्मियों की तैनाती का आदेश चर्चा में है। प्रतिसार निरीक्षक (आरआई) को जारी आदेश में कहा गया है कि सेब के पेड़ व फलों की बंदरों से सुरक्षा की जाए।

मामले में यूपी के सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी ने डीजीपी उत्तराखंड से मामले की शिकायत की है। उन्होंने आदेश को प्रशासनिक व नैतिक आधार पर गलत बताते हुए कार्रवाई की मांग की है। 

गढ़वाल मंडल मुख्यालय पौड़ी के कंडोलिया में डीआईजी गढ़वाल का कार्यालय व आवासीय बंगला है। यहां गोल्डन डिलीसियस सेब की प्रजाति का एक पेड़ है, जिस पर बड़ी संख्या में सेब लगे हैं। परिसर में संतरे व अन्य फलदार पेड़ भी हैं, लेकिन यह सेब का पेड़ उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। सेब के पेड़ व फल की सुरक्षा के लिए सीओ सदर पीएल टम्टा ने प्रतिसार निरीक्षक पौड़ी को आदेश जारी किया है।

आदेश में कहा गया है कि डीआईजी गढ़वाल के आवास पर सेब का फलदार पेड़ है, जिसकी सुरक्षा की जाए। पेड़ व फलों को बंदरों से बचाए जाने के लिए सुरक्षा ड्यूटी में तैनात कर्मियों को कड़े निर्देश दिए जाए। साथ ही आदेश के पालन में हीलाहवाली बरते जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। 

इस बीच सीओ सदर का यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जो उत्तर प्रदेश के आईजी सिविल डिफेंस लखनऊ से सेवानिवृत्त गोतमीनगर निवासी अमिताभ ठाकुर व उनकी पत्नी डा. नूतन ठाकुर तक पहुंच गया।

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उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी उत्तराखंड से शिकायत की है। शिकायत में ठाकुर ने कहा कि इस तरह का आदेश प्रशासनिक व नैतिक दृष्टि से पूर्णतया गलत है।

सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान का काम पेड़ों के फल की रक्षा करना नहीं होता है। फल को अधिकारी निजी रूप में उपयोग में लाते हैं। इस कार्य में सरकारी गार्ड की ड्यूटी लिया जाना गलत है। उन्होंने इस तरह के आदेश जारी होने को लेकर कार्रवाई की मांग की है।

सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे मामले की जानकारी मिली है। एसएसपी पौड़ी को पूरे प्रकरण के जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। पत्र किसने तैयार किया, किसने जारी किया व वायरल कैसे हुआ सहित घटना के प्रत्येक पहलू की गहनतापूर्वक जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए हैं।
-नीरु गर्ग, डीआईजी गढ़वाल।

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