उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों के राज्य वृक्षों के साथ पेड़ों की अन्य प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए वन अनुसंधान शाखा की ओर से हल्द्वानी में भारत वाटिका तैयार की गई है। भारत वाटिका में उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, केरल, असम, पश्चिम बंगाल तमिलनाडु समेत देश के 28 राज्यों और पांच केंद्र शासित राज्यों के राज्य वृक्षों के साथ ही अन्य 24 प्रजातियों के पेड़ों को संरक्षित किया गया है।
वन अनुसंधान शाखा के निदेशक व मुख्य वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी के मुताबिक भारत वाटिका में महाराष्ट्र और चंडीगढ़ के राज्य वृक्ष आम, राजस्थान और तेलंगाना के खेजारी, गुजरात, मध्य प्रदेश के बरगद, बिहार हरियाणा और उड़ीसा के ब्रिक्स बरगद, बिहार हरियाणा उड़ीसा के पीपल, केरल और तमिलनाडु के नारियल, असम और अरुणाचल के होलोंग, छत्तीसगढ़ और झारखंड के शाल, उत्तराखंड के बुरांश, उत्तर प्रदेश के अशोक, पश्चिम बंगाल के चितवन, तेलंगाना के जामी आंध्रप्रदेश के नीम, हिमाचल के देवदार, लक्ष्यदीप के ब्रेड फ्रूट और कर्नाटक के चंदन के पेड़ लगाए गए हैं। इन वृक्षों के अलावा भारत वाटिका में पीपल, सीता, अशोक, चिनार, चंदन, देवदार, रोडोर एंड रन, व्हाइट टीक समेत कई अन्य जातियों के भी वृक्ष हैं। इसके अलावा वन अनुसंधान शाखा के वैज्ञानिक तुलसी की 15 प्रजातियों के साथ पीपल, बरगद, आंवला, बेलपत्र, पाकड़ समेत कई प्रजातियों के संरक्षण को लेकर काम कर रहे हैं।







