उत्तराखंड : ऋषिकेश ऑक्सीजन को लेकर मची अफरा-तफरी 50 मरीजों को किया शिफ्ट.

Spread the love

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में उस वक्त अफरातफरी का महौल बन गया, जब ऑक्सीजन बेड में सप्लाई के दौरान तकनीकी समस्या पैदा हो गई। आनन-फानन तकनीशियनों द्वारा जांच की गई तो पता चला की सप्लाई के दौरान प्रेशर की समस्या उत्पन्न हो गई है। एक साथ 640 बेड में ऑक्सीजन की फुल सप्लाई के दौरान प्रेशर की समस्या उत्पन्न हुई। इसके बाद करीब 50 मरीजों को दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। इस बीच अफवाह फैल गई की एम्स में ऑकसीजन खत्म हो गई है। जिससे भय का माहौल उत्पन्न हो गया। लेकिन एम्स प्रशासन की ओर से कुछ ही देर में स्पष्ट कर दिया गया कि संस्थान में ऑक्सीजन की कोई दिक्कत नहीं है।
एम्स ऋषिकेश में आमतौर पर कोरोना संक्रमित गंभीर मरीजों को लिया जाता है। इसके अलावा बिना लक्षण वाले या कम सीरियस मरीजों को कोविड सेंटर में शिफ्ट कर दिया जाता है। बुधवार दोपहर एम्स में ऑक्सीजन खत्म होने की खबर तेजी से फैल गई। अस्पताल में भर्ती गंभीर मरीजों के परिजनों के फोन घनघनाने लगे। यह सूचना सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई। इससे चारों तरफ अफरातफरी का महौल पैदा हो गया। लोग एक-दूसरे को फोन कर जानकारी जुटाने लगे। स्थितियां बिगड़ती देख एम्स प्रशासन ने आगे आकर स्थिति स्पष्ट की।


Spread the love
और पढ़े  देहरादून- पीसीएस परीक्षा पास कर एसडीएम बनीं काजल सैनी, बोलीं मम्मी-पापा ने शादी नहीं पढ़ाई को दी प्राथमिकता
  • Related Posts

    हल्द्वानी अग्निकांड: पार्सल से भरा था गोदाम, शटर के पास शॉर्ट सर्किट की एक चिंगारी से जला पूरा वेयरहाउस

    Spread the love

    Spread the loveहल्द्वानी में रामपुर रोड पर जीतपुर नेगी के पास अमेजन के वेयरहाउस में लगी आग इतनी वीभत्स थी कि दो वाहन पूरी तरह जल गए जबकि बाहर खड़ीं…


    Spread the love

    उत्तराखंड हाईकोर्ट- देहरादून में वृक्ष कटाई, शिकायतकर्ताओं के सामाजिक बहिष्कार पर HC का राज्य से जवाब तलब

    Spread the love

    Spread the loveउत्तराखंड उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को राज्य सरकार को देहरादून के एक गांव में कथित अवैध वृक्ष कटाई और उसके बाद शिकायतकर्ताओं के सामाजिक बहिष्कार से संबंधित शिकायत…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *