अल्मोड़ा उत्तराखंड : श्रद्धालुओं के लिए खुला विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम।

जिलाधिकारी अल्मोड़ा नितिन भदौरिया द्वारा सशर्त अनुमति देने के बाद आज विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर समूह को दर्शनों के लिए खोल दिया गया है। कोरोना काल कर्फ्यू के चलते इसे दर्शनों हेतु बंद रखा गया था।मंदिर प्रबंध समिति तथा उपजिलाधिकारी के संयुक्त प्रस्ताव के बाद जिलाधिकारी द्वारा ये निर्णय लिया गया।
इस निर्णय के बाद पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को भी थोड़ा आशा बढ़ि है।
मंदिर में प्रवेश हेतु आधारकार्ड के आधार पर रजिस्ट्रेशन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गयी है।कोरोना के चलते लंबे समय से बंद पड़ा विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर को आज से आखिरकार श्रद्धालुओं के दर्शनों के लिए खोल दिया गया है। हालांकि कोरोनाकाल के चलते मंदिर के खुलने के बाद पहले दिन श्रद्धालुओं की भीड़ नदारद दिखी। जबकि इस समय यानि सावन महीने से पहले से ही यहाँ हज़ारों की संख्या में रोजाना श्रद्धालुओं की भीड़ दिखती थी। फिलहाल मंदिर में केवल दर्शन की ही अनुमति दी गई है। पूजा व अन्य कर्मकांड ऑनलाइन तरीके से ही आयोजित किये जायेंगे।

मंदिर समिति के प्रबंधक भगवान भट्ट ने बताया कि कोरोना का प्रकोप कम होने पर मंदिर समिति ने जिला प्रशासन को मंदिर खुलवाने की अनुमति मांगी गई थी। कोरोना के नियमो का पालन करते हुए इजाजत प्रशासन द्वारा आज से इसको खोलने की अनुमति दी गयी है।
मंदिर में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का मुख्य प्रवेश द्वार पर आधार कार्ड के साथ पंजीकरण किया जाएगा, सैनेटाईज़ेशन की व्यवस्था की गयी है। किसी श्रद्धालु में यदि कोरोना के लक्षण जैसे सर्दी , जुकाम व बुखार आदि के लक्षण पाए जाते हैं तो ऐसे व्यक्ति का प्रवेश परिवार के अन्य सदस्यों सहित रोक दिया जाएगा। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सूचित किया जाएगा।मंदिर दर्शन सुबह 7 से शाम 6 बजे तक ही होंगे। इसके बाद किसी को भी मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं होगी। मंदिर दर्शन के दौरान कोई भी पुजारी श्रद्धालु के संपर्क में नहीं रहेगा, मंदिर के अंदर जल चढ़ाना, टीका लगाना, घंटी बजाना, प्रसाद लेना और देना पूर्व की तरह प्रतिबंधित रहेगा। मंदिरों के गर्भ गृह मे प्रवेश पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
मंदिर के पुजारी तारा दत्त भट्ट ने बताया कि 12 ज्योतिर्लिंग में से एक ज्योतिर्लिंग जागेश्वर मंदिर है। जिसकी काफी महत्ता है। यह 125 छोटे बड़े मंदिरो का समूह है। हर साल सावन के महीने श्रावणी का भव्य मेला लगता है। जिसमे देश विदेश से लाखो की तादाद में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शनों को पहुचते है। सावन के महीने में यहाँ के दर्शनों का विशेष महत्व है।
बाइट भगवान भट्ट, प्रबंधक मंदिर समिति
बाइट तारा दत्त भट्ट, पुजारी मंदिर

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