बीकापुर तहसील में मछली पालने के लिए तालाब का पट्टा देने के निमित्त बड़े पैमाने पर गड़बड़झला होने का मामला प्रकाश में आया है।पट्टा आवंटन के बहाने जहां एक ओर ग्रामीणों को तहसील में तारीख पर तारीख मिल रही है वहीं दूसरी ओर पिछले दरवाजे से चहेतों को तालाब आवंटन करके बड़े पैमाने पर राजस्व नुकसान पहुंचाया जा रहा है। विकासखंड बीकापुर के ग्राम पंचायत शेरपुर के ग्राम प्रधान सत्य प्रकाश वर्मा ने स्थानीय तहसील प्रशासन पर आरोप लगाते हुए बताया है कि तहसील में तालाब आवंटन प्रक्रिया में शामिल राजस्व कर्मी सुविधा शुल्क के आधार पर गैर पात्रों को लाभान्वित कर रहे हैं जबकि पात्र लोग तहसील मुख्यालय का चक्कर ही काट रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 28 अक्टूबर को तालाब आवंटन के लिए नोटिस चस्पा करने के बाद कतिपय कारणों के कारण 9 नवंबर पक्के लिए प्रक्रिया को लंबित किया गया तदोपरांत 15 नवंबर को तालाब आवंटन के लिए एक बार तारीख मिलने के बाद जब ग्रामीण सोमवार को तहसील परिसर में नीलामी के लिए एकत्रित हुए तो कई तालाबों का आवंटन इससे पहले ही गुपचुप तरीके से किया जा चुका था। उन्होंने तहसील के जिम्मेदार अफसरों पर इस तरह की मनमानी पूर्ण कार्रवाई में संरक्षण प्रदान करने का आरोप लगाया है।








