अयोध्या : तालाब व नवीन परती की भूमि को जालसाजी से हड़पने का लगा आरोप ।

Spread the love

थाना कैंट क्षेत्र के ग्राम सभा उसरू के तालाब व नवीन परती की भूमि को जालसाजी से बैनामा कर देने का आरोप लगाते गुरु नानक पूरा हैदरगंज के पार्षद अजीत सिंह ने तहसील में आयोजित समाधान दिवस में प्रार्थना देकर उचित कार्रवाई की मांग की है। समाधान दिवस में दिये गए प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि ग्रामसभा उसरू के खाते में भूमि संख्या- 272ग तालाब तथा भूमि संख्या 237 नवीन परती आधार वर्ष खतौनी में दर्ज रही, ग्रामसभा उसरू के खाते में उक्त भूमि बतौर तालाब व नवीन परती सन 1994-1995 के पूर्व तक दर्ज रहा, ग्रामसभा उसरू की तालाब व नवीन परती की उपरोक्त भूमि जालसाजी व कूटरचना से सुभद्रा जायसवाल पुत्री रामचेत जायसवाल ने अपने पति व पिता के सहयोग व साजिश से राजेन्द्र सिंह छाबड़ा पुत्र स्व. बुद्धा सिंह निवासी पंजाबी कालोनी के पक्ष में दिनांक 30-09-1995 को 9 बिस्वा व दिनांक 21-11-1995 को 9 बिस्वा 2 धुर बैनामा किया। उन्होंने प्रार्थना पत्र के माध्यम से कहा कि सुभद्रा जायसवाल ने गांव सभा की भूमि कूटरचित, जालसाजी बैनामा राजेन्द्र सिंह छाबड़ा पुत्र बुद्धा सिंह के हक में किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों बैनामों में विभूति श्रीवास्तव पुत्र जगन्नाथ प्रसाद निवासी गद्दोपुर व राधेमोहन श्रीवास्तव पुत्र जगदीश प्रसाद निवासी तेलीटोला थाना कोतवाली नगर यह जानते हुये गवाह हुये कि भूमि संख्या 272 ग उसरू ग्रामसभा की तालाब भूमि है। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि ग्रामसभा उसरू की भूमि संख्या 272 ग तालाब व 237 नवीन परती को बेचू सिंह पुत्र काशीनाथ ने अपनी निजी संपत्ति जालसाजी व कूटरचना से दर्शाते हुये राजेन्द्र सिंह छाबड़ा पुत्र बुद्धा सिंह के पक्ष में दिनांक 13-12-1995 को बैनामा किया। बेचू सिंह से भूमि संख्या 272 ग तालाब की 8 बिस्वा 10 धुर व भूमि संख्या 237 नवीन परती की 4 बिस्वा 15 धुर भूमि का बैनामा यह जानते हुये भी की उपरोक्त भूमि ग्रामसभा की है राजेन्द्र सिंह छाबड़ा ने बैनामा लिखवाया, बेचू सिंह के कूटरचित बैनामों के ओम पुत्र हीरालाल निवासी सहादतगंज थाना कैंट यह जानते हुये गवाह हुये कि ग्रामसभा उसरू की भूमि जालसाजी व कूटरचना से बैनामा हो रही है, उन्होंने बताया कि राजस्व अभिलेखों में नगर निगम के भीतर उसरू मौजे की आधार वर्ष लेकर सन 1994 के पूर्व तक तालाब गाटा संख्या 272 ग व परती गाटा संख्या 237 दर्ज रही भूमि को आर्थिक लाभ के लिये जालसाजी व कूटरचना द्वारा सुभद्रा जायसवाल, उसके पिता, पति तथा बेचू सिंह ने राजेन्द्र सिंह छाबड़ा को बैनामा किया। उन्होंने बताया कि उपरोक्त तीनों जाली व रामसरन गवाह बनकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया। समाधान दिवस में दिए गए प्रार्थना पत्र के माध्यम से अजीत सिंह ने ग्रामसभा की भूमि को बेचने व खरीदने के संबंध में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

और पढ़े  खेत में मिला किसान का कंकाल-; खेत देखने निकले थे बृजलाल, पुलिस बोली- किसी जंगली जानवर ने बनाया शिकार

Spread the love
  • Related Posts

    पकड़ा गया नोएडा हिंसा का मास्टरमाइंड, UP STF ने तिरुचापल्ली स्टेशन से पकड़ा, लगातार ठिकाने बदल रहा था आदित्य

    Spread the love

    Spread the loveनोएडा में श्रमिक आंदोलन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के मुख्य साजिशकर्ता और एक लाख के इनामी आरोपी आदित्य आनंद को पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है।…


    Spread the love

    नोएडा बवाल: श्रम कानून उल्लंघन में 203 ठेकेदारों के लाइसेंस होंगे निरस्त, कई ठेकेदारों को 1.16 करोड़ की पेनल्टी का नोटिस

    Spread the love

    Spread the loveनोएडा और ग्रेटर नोएडा में श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वाले 24 कारखानों से जुड़े 203 ठेकेदारों के लाइसेंस निरस्त करने, राशि की वसूली करने और एजेंसियों को…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *