अच्छी शुरुआत उत्तराखंड: चंपावत मंदिर में शराब पीकर आने पर लगेगा 5000 जुर्माना, पशुबलि पर पूरी तरह लगी रोक

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उत्तरखंड के चंपावत जिले के लधियाघाटी क्षेत्र की शीला देवी मंदिर समिति ने मंदिर परिसर में पशु बलि पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए मंदिर में शराब पीकर आने वालों पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में किसी भी प्रकार के पेड़-पौधों को काटने पर भी जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया गया है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह बडेला और सदस्य नवीन सिंह भंडारी ने बताया कि मंदिर में बलि देते पकड़े जाने पर संबंधितों के खिलाफ जुर्माना लगाने के साथ कानूनी कार्रवाई किए जाने का निर्णय लिया गया है। 

लाटरी के आधार तीसरी बार पुजारी चुने गए राजेंद्र कोटिया
शीला देवी मंदिर समिति की बैठक में लॉटरी के आधार पर राजेंद्र कोटिया को तीसरी बार पुजारी चुना गया। तय किया गया कि भविष्य में भी मंदिर के पुजारी का चुनाव लॉटरी के आधार पर ही किया जाएगा। बैठक में अध्यक्ष दीवान सिंह बडेला, नवीन सिंह भंडारी, पुष्कर सिंह बगोटी, जगत सिंह बगोटी, नारायण कोटिया, ग्राम प्रधान भुवन राम, भुवन भट्ट, भूपाल बोहरा, दीपक जोशी, सुभाष जोशी, मदन जोशी आदि शामिल रहे। 

पूर्णागिरि और बाराही धाम में पहले से वर्जित हैं पशुबलि
मां पूर्णागिरि धाम और बग्वाल युद्ध के लिए प्रसिद्ध मां बाराही धाम में पूर्व से ही पशुबलि पूरी तरह से प्रतिबंधित है। जिले के घटकू, सीमांत तामली, नीड़, धौन आदि स्थानों में दशहरा पर्व पर की जाने वाली पशुबलियों में भी बीते पांच सालों से प्रतिबंध लगा है।

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