रक्षाबंधन स्पेशल आज, जानें राखी बांधने का क्या है शुभ मुहूर्त, भद्रा, राहु काल का समय ।

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आज पूरे देश में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। आज बहनें अपने भाई की कलाई पर प्यार का धागा बांधकर राखी का पर्व मनाएंगी। हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का प्रतीक है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं। बहनें राखी के दिन भाई के माथे पर तिलक कर और मिठाई खिलाकर उसकी सुख समृद्धि की कामना करती हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार सावन पूर्णिमा के दिन सबसे पहले देवी लक्ष्मी ने राजा बली को राखी बांधी थी, इसी कारण से हर हजारों वर्षों से राखी का त्योहार मनाया जाता आ रहा है। रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई में राखी बांधते समय भद्राकाल, राहुकाल, ग्रहणकाल और शुभमुहूर्त का विशेष ध्यान रखा जाता है। आइए जानते हैं रक्षाबंधन के दिन का शुभ मुहूर्त..
रक्षाबंधन के दिन भाई की कलाई पर राखी बांधते समय भद्राकाल और राहुकाल का विशेष ध्यान दिया जाता है। मुहूर्तशास्त्र में भद्रा और राहुकाल को बहुत ही अशुभ समय माना गया है। ऐसी मान्यता है कि भद्रा और राहुकाल के समय किसी भी तरह का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए क्योंकि इस समय पर किया गया कोई भी कार्य सफल नहीं होता है।

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भद्रा में राखी न बंधवाने के पीछे एक कथा प्रचलित है। जिसके अनुसार लंका के राजा रावण ने अपनी बहन से भद्रा के समय ही राखी बंधवाई थी। भद्राकाल में राखी बाधने के कारण ही रावण का सर्वनाश हुआ था। इसी मान्यता के आधार पर जब भी भद्रा लगी रहती है उस समय बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी नहीं बांधती है। इसके अलावा भद्राकाल में भगवान शिव तांडव नृत्य करते हैं इस कारण से भी भद्रा में शुभ कार्य नहीं किया जाता है।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार राखी का त्योहार भद्रारहित मुहूर्त में मनाया जाएगा। रक्षाबंधन में अशुभ कही जाने वाली भद्रा दिनभर नहीं रहेगी और शाम 04 बजकर 30 मिनट पर राहुकाल के आरम्भ होने से पहले पूरे दिन रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा, इसमें भी दोपहर 12 बजे से 01 बजे का मुहूर्त श्रेष्ठ रहेगा।

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22 अगस्त को राखी बांधने का समय: सुबह 06 बजकर 15 मिनट से शाम 5 बजकर 31 तक
राखी बांधने का सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त: दोपहर 12 बजे से 01 बजे तक
राखी बांधते समय का मंत्र- ‘येन बद्धोबली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
राहुकाल का समय: 22 अगस्त की शाम 05 बजकर 12 मिनट से 06 बजकर 49 मिनट तक। ( राहुकाल के समय राखी बांधना होता है अशुभ)


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