राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत आठ अक्तूबर की रात लामाचौड़ स्थित आम्रपाली इंस्टीट्यूट में आएंगे। तीन दिनी प्रवास के बाद 11 अक्तूबर को संघ प्रमुख लौट जाएंगे।
आरएसएस के सह प्रांत प्रचार प्रमुख संजय कुमार और बृजेश बनकोटी ने बुधवार को रामपुर रोड देवलचौड़ स्थित एक रेस्टोरेंट में पत्रकारों को यह जानकारी दी। दोनों प्रचार प्रमुखों ने बताया कि आरएसएस प्रमुख भागवत नौ अक्तूबर को परिवार प्रबोधन, धर्म जागरण, सामाजिक समरसता के विषय पर संबोधन करेंगे। इस कार्यक्रम में आरएसएस परिवार से जुड़े करीब दो हजार लोग भाग लेंगे। इस बीच छात्र अपने पूरे गणवेश में रहेंगे। दस अक्तूबर को परिवार सम्मेलन के बाद प्रांत के प्रचारकों के साथ बैठक करेंगे। 11 अक्तूबर को संघ प्रमुख लौट जाएंगे। सरसंघ चालक मोहन भागवत को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा मिली है। इस कारण सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए दिल्ली से सुरक्षा अधिकारी बुधवार को हल्द्वानी पहुंचे। सुरक्षा अधिकारियों ने मोहन भागवत के ठहरने वाले स्थान और कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। सुरक्षा अधिकारियों की राय पर संघ प्रमुख के संबोधन के स्थान को बदला गया है।
संघ प्रमुख के आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
हल्द्वानी। संघ प्रमुख मोहन भागवत के आने से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। संघ प्रमुख के दौरे को भाजपा को जमीनी स्तर पर ऊर्जा देने से जोड़कर देखा जा रहा है।
उत्तराखंड में साल 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस और आप ने चुनावी समर में कूदने के लिए कमर कस ली है। इधर महंगाई, किसान आंदोलन और बेरोजगारी को लेकर विरोधी दल भाजपा को लगातार घेर रहे हैं। साथ ही तीन सीएम का मुद्दा भी भाजपा के लिए सरदर्द बना हुआ है। भाजपाइयों को इन असहज हालात से बाहर निकालने के लिए इस दौरे को अहम माना जा रहा है। हालांकि इस बारे में पूछने पर सह प्रांत प्रचारक संजय कुमार ने इनकार किया है। उनका कहना था कि संघ प्रमुख का राजनीति से कोई मतलब नहीं है। वहीं काफी लोगों का मानना है कि संघ प्रमुख के आने से भाजपा में मजबूती आएगी। नाराज लोगों को मनाने का अवसर भी मिल जाएगा।







