रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि भारत वैश्विक जहाज निर्माण केंद्र बनने में सक्षम है। उन्होंने कोलकाता से गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) और यंत्र इंडिया लिमिटेड की पांच विस्तार परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इस मौके पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी मौजूद रहे।
रक्षा मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार विकास के नए पुनर्जागरण की शुरुआत के लिए कदम उठाएगी। उन्होंने कहा, ”पश्चिम बंगाल में कारखानों के बंद होने और तालाबंदी की खबरों की जगह अब नई परियोजनाओं की शुरुआत की खबरों ने ले ली है।”
उन्होंने कहा, ”हमारा लक्ष्य ऐसी गुणवत्ता हासिल करना होना चाहिए, जिस पर दुनिया भरोसा करे। ऐसी गुणवत्ता जो विश्वास पैदा करे, ऐसी कीमत जो दुनिया को हमें चुनने के लिए प्रेरित करे और ऐसे आपूर्ति मानक हों, जो ग्राहकों को दोबारा ऑर्डर देने के लिए प्रोत्साहित करें।”
जीआरएसई के अधिकारी क्या बोले?
जीआरएसई के एक अधिकारी ने बताया कि क्षमता विस्तार के तहत कंपनी ने हुगली नदी के दोनों किनारों पर दो छोटे शिपयार्ड के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (एसएमपीके) के साथ लीज समझौते किए हैं। इसके अलावा रायचक में नदी किनारे 32 एकड़ जमीन भी ली गई है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से युद्धपोतों के निर्माण और उनकी मरम्मत की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।






