अयोध्या में होने वले सौन्दर्यीकरण की जद में तमाम व्यापारियों के प्रतिष्ठान आ रहे जिसको लेकर अयोध्या के तमाम व्यापारियों में आक्रोश है। सब सरकार की नीति का विरोध कर रहे हैं । हलाँकि सरकार द्वारा सभी विस्थापित किये जा रहे व्यापारियों को पुन: स्थापित करने की बात कही जा रही है। परंतु व्यापारियों का कहना है कि उनको पुन: किस जगह पर स्थापित किया जायेगा इसको स्पष्ट नहीं किया जा रहा है । व्यापारी नेता नंद कुमार ने बताया कि हम जिला प्रशासन से क्ई बार यह जानने की कोशिश कर चुके हैं पर कोई भी अधिकारी इसको लेकर कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। हम सब व्यापारी वर्ग सरकार से चाहते हैं कि वह स्पष्ट करे कि हमें दोबारा कहाँ स्थापित किया जायेगा । सब ओर से निराश होने के बाद आज हय सबने भगवान रामलला के दरबार में प्रार्थना की है कि अब वह ही हमारे रखवाले हैं । अब वह ही सरकार से हमारी माँगों की स्वीकृति करायें।
अयोध्या में व्यापार मंडल कई गुटों में बटा हुआ है जिसके कारण व्यापारियों के बीच अलग अलग व्यवस्थाएं दिखाई दे रही हैं जहां पहला गुट दुकानों को तोड़े जाने के विरोध में है तो वह दूसरा गुट जिला प्रशासन के समर्थन में दुकानों को तोड़े जाने के साथ खड़ा है तो वहीं अन्य कई गुटों में भी इसी तरह के माहौल दिखाई पड़ रहे हैं जिसके कारण अयोध्या के व्यापारी किसी भी निर्णय नहीं रहे हैं।व्यापारी नेता अध्यक्ष नंदकुमार गुप्ता, नंदू ने बताया कि रामलला के दरबार में अर्जी लगाई है। अब रामलला ही जिला प्रशासन और सरकार को इस योजना पर पुनः विचार करने के लिये प्रेरित करें जिससे किसी भी दुकानदार की दुकान को तोड़े जाने से पहले उन्हें किसी दूसरे उचित स्थान पर विस्थापित किया जाए उसके बाद ही इन सभी दुकानों को तोड़ा जाए। कहां की आज के इस विरोध प्रदर्शन को लेकर पुलिस प्रशासन हम पर जबरन दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दुकानदारों से अपील किया कि अपनी दुकान बचाने के लिए भले ही जेल जाना पड़े लेकिन कोई रुकने वाला नहीं है।









