वैश्विक स्तर पर कई गंभीर बीमारियों का जोखिम लगातार बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। कैंसर हो या हृदय रोग, डायबिटीज हो या फेफड़ों की बीमारी, इन सभी के कारण स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव भी बढ़ा है। इन बीमारियों के साथ एचआईवी का बढ़ता संक्रमण भी स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण है, इससे हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है।
ह्यूमन इम्यूनोडेफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) का संक्रमण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को इतना कमजोर कर देता है कि रोगी के लिए बीमारियों से मुकाबला कर पाना कठिन हो जाता है। एचआईवी संक्रमण के कारण एड्स यानी एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम का खतरा होता है।
कुछ दशकों पहले तक एड्स को लाइलाज बीमारी माना जाता था, हालांकि वैज्ञानिक शोध और कारगर दवाओं ने इसके इलाज को आसान बना दिया है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर एचआईवी संक्रमण की रोकथाम के लिए भी व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं जिसके परिणामस्वरूप इस संक्रमण के फैलने की गति को भी नियंत्रित करने में मदद मिली है।
साल 2024 के आखिर तक दुनियाभर में लगभग 40.8 मिलियन (4 करोड़ से अधिक) लोग एचआईवी के साथ जी रहे थे। इस साल 13 लाख नए मामले भी सामने आए जबकि 6.30 लाख लोगों की इस संक्रमण से मौत भी हो गई थी।
असुरक्षित यौन संबंध
संक्रमित रक्त या सुइयों का उपयोग
मां से बच्चे में संक्रमण
बचाव के तरीके और सावधानियां
- हमेशा सुरक्षित यौन संबंध के लिए कंडोम का सही इस्तेमाल करें।
- किसी भी स्थिति में सुई, सीरिंज या रेजर जैसी धारदार चीजें साझा न करें।
- यदि आप जोखिम में हैं, तो डॉक्टर से मिलकर एचआईवी जांच कराएं और पॉजिटिव होने पर तुरंत इलाज शुरू करें।
- अधिक जोखिम वाले लोग डॉक्टर की सलाह पर PrEP (Pre-Exposure Prophylaxis) दवा ले सकते हैं।
महिलाएं एचआईवी का शिकार अधिक
रिपोर्ट के मुताबिक दुनियाभर में, एचआईवी से पीड़ित लोगों में ज्यादातर महिलाएं हैं। साल 2022 में इस वायरस से पीड़ित 39 मिलियन लोगों में से 53% महिलाएं थीं। हालांकि, ट्रेंड इलाके के हिसाब से अलग-अलग होते हैं। सब-सहारा अफ्रीका के बाहर ज्यादातर इलाकों में सामने आने वाले नए मामलों में 70% से ज्यादा पुरुष होते हैं। ये अंतर दुनिया के कई हिस्सों में महिलाओं की कमजोर स्थिति, गरीबी और जेंडर डिस्क्रिमिनेशन जैसे कारणों से हैं।
एचआईवी संक्रमण से बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
एड्स रोग से बचे रहने के लिए एचआईवी संक्रमण से बचाव करना जरूरी है। इसके लिए कुछ बातों का सभी लोगों को ध्यान रखना चाहिए।
- असुरक्षित यौन संबंधों से बचें, हमेशा सुरक्षित तरीके जैसे कंडोम का उपयोग करें।
- एक ही पार्टनर के साथ संबंध रखें।
- ब्लड ट्रांसफ्यूजन हमेशा प्रमाणित रक्त केंद्रों से ही कराएं।
- इंजेक्शन, सुई, रेजर, ब्लेड, टैटू करने वाले उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करें।
- समय-समय पर एचआईवी टेस्ट कराते रहें, यदि आपमें जोखिम अधिक है तो इसकी नियमित जांच कराएं।
- गर्भवती महिलाओं को एचआईवी टेस्ट करवाना चाहिए ताकि बच्चे में संक्रमण रोका जा सके।
- सही जानकारी, जागरूकता और सुरक्षित व्यवहार अपनाकर एड्स को काफी हद तक रोका जा सकता है।







