विपक्षी दल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखने की तैयारी में हैं। इस पत्र में पुराने महिला आरक्षण बिल को लागू करने की मांग की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, इसको लेकर इंडिया गठबंधन के दल देशभर में मीडिया वार्ता भी करेंगे। इन सभाओं में वे यह स्पष्ट करेंगे कि वे महिला आरक्षण का पूरा समर्थन करते हैं, लेकिन सरकार इसकी आड़ में देश का राजनीतिक नक्शा बदलने की कोशिश कर रही है।
गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले सुधार को रोक रहे हैं। दूसरी ओर, राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं का कहना है कि वे आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ना चुनावी ढांचे को बदलने की एक साजिश है। इसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ किया है कि सरकार अब इससे जुड़े अन्य बिलों पर आगे नहीं बढ़ेगी। संसद का यह विशेष सत्र तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावी हलचल के बीच आयोजित किया गया था।








