ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश के बिजली कर्मचारी आज एक दिन की हड़ताल पर हैं। अलग-अलग जगह पर केंद्र के निजीकरण संबंधी बिल के विरोध में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश के बिजली कर्मचारी आज एक दिन की हड़ताल पर हैं। अलग-अलग जगह पर केंद्र के निजीकरण संबंधी बिल के विरोध में कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं।
दुबे ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई में से एक होगी।
छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध बताया
पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना तथा आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी शामिल है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन और टीबीसीबी के जरिए ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है।
इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।
हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया है। याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई आगे…
हल्द्वानी में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट फैसला सुना सकती है। इसे लेकर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। करीब 500 पुलिसकर्मी और पीएसी जवान…
© 2026, New Bharat News
Website Developed & Maintained by News Portal Hub
All content and news on this website are published solely by the website owner. News Portal Hub assumes no responsibility for its content.

