Uttarakhand : राज्य में अब रेहड़ी और ठेली वालों को मौके पर दिया जायेगा लाइसेंस, ये कार्ड भी होगा उपलब्ध

प्रदेश में स्थानीय निकाय रेहड़ी व ठेली वालों को अब लोन और वेंडिंग लाइसेंस मौके पर जाकर देंगे। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत शुक्रवार को शहरी विकास विभाग ने इसका शासनादेश जारी कर दिया। इससे तहत स्ट्रीट वेंडरों को कई सुविधाएं दी जाएंगी।

सचिव प्रभारी विनोद कुमार सुमन की ओर से जारी शासनादेश के मुताबिक, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के लाभार्थी वेंडरों को निकाय की ओर से नए वेंडिंग लाइसेंस पांच वर्ष की अवधि के लिए जारी किए जाएंगे। नगर निकाय की टीम फेरी व्यवसायी के कार्यस्थल या वेंडिंग जोन पर जाएगी और वहीं लाइसेंस जारी करेगी। लोन के लिए भी उन्हें निकाय में बुलाने के बजाए निकाय की टीम को वहीं जाकर पूरी प्रक्रिया करनी होगी।

हर शुक्रवार को दोपहर तीन बजे से शाम छह बजे के बीच फेरी व्यवसायी के नजदीकी बैंक शाखा में जाकर लोन पास कराना होगा। पीएम स्वनिधि योजना का लाभ लेने के लिए अभी कागजी औपचारिकताएं काफी हैं। इन्हें कम करने के लिए एप आधारित सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे बैंक और वेंडर का समय बचेगा।

हर नगर निकाय की जिम्मेदारी होगी कि वह फेरीवाले को बैंक के चक्कर काटने से बचाए और खुद अपनी टीम भेजकर उसका लोन पास कराए। बैंकों को यह भी कहा गया है कि चूंकि, फेरी व्यवसायियों को मिलने वाले लोन की गारंटी खुद केंद्र सरकार ने ली है। इसलिए बैंकों की ओर से लोन देने में आनाकानी नहीं चलेगी।

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