उत्तराखंड निकाय चुनाव 2025- पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कटा वोट

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प्रदेश में 12 बजे तक 25.70 फीसदी मतदान

उत्तराखंड में दिन चढ़ने के साथ ही मतदाताओं में भी खासा उत्साह नजर आया। प्रदेश में 12 बजे तक 25.70 फीसदी मतदान हुआ है। वहीं, बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगी है।

 

पूर्व सीएम हरीश रावत का वोट कटा

प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत जब वोट डालने की तैयारी कर रहे थे तो पता चला कि उनका नाम मतदाता सूची में ही नहीं है। मीडिया से बातचीत में पूर्व सीएम रावत ने कहा कि उन्हें बड़ा धक्का लगा है। मैंने माजरा से लोकसभा चुनाव में वोट दिया था। यहां बीएलओ भी आया था। यहां भी किराए पर रहते हैं। पहले राजपुर में किराए पर रहता था लेकिन वोट माजरा में था। अब कहीं नहीं है। उन्होंने इस संबंध में राज्य निर्वाचन आयोग में बात की तो जवाब मिला कि अभी सर्वर डाउन है। पूर्व सीएम रावत ने कहा कि उन्हें गहरा दुख है। हजारों लोगों के नाम काट दिए गए।

कांग्रेस  की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी का नाम भी वोटर लिस्ट से गायब

कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का नाम भी मतदाता सूची से गायब है। गरिमा का कहना है कि उनका और उनके परिवार का नाम वोटर लिस्ट में नहीं मिल रहा है। उन्होंने विधानसभा और लोकसभा चुनाव में भी वोटिंग की थी। लेकिन उनका नाम इस बार की निकाय चुनाव की सूची से गायब है।

प्रदेश में 2 बजे तक 42.19 फीसदी मतदान

उत्तराखंड में निकाय चुनाव को लेकर मतदाताओं में भी सुबह उत्साह नजर आया, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही भीड़ कम होने लगी। प्रदेश में 12 बजे तक 25.70 फीसदी मतदान हुआ है। वहीं, बूथों पर मतदाताओं की लंबी लाइन लगी है। टिहरी और देहरादून में 40 फीसदी से भी कम मतदान हुआ है।

हरीश रावत मतदान के प्रति कितने जागरूक ये साफ हो गया- महेंद्र भट्ट

पूर्व सीएम हरीश रावत के वोट कटने पर उनकी ओर से जारी बयान पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट का बयान सामने आया। उन्होंने कहा कि हरीश रावत मतदान के प्रति कितने जागरूक हैं। इसका पता इससे लगता है कि वो वोटिंग के दिन ही अपने मत को ढूंढने निकले हैं। शायद हरीश रावत को पता ही नहीं है कि वो कहां के वोटर हैं। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि हरीश रावत कभी हरिद्वार तो कभी ऊधम सिंह नगर तो कभी अल्मोड़ा से चुनाव लड़ते हैं। हरीश रावत को तो यही नहींपता है कि वो ग्रामीण क्षेत्र के मतदाता है या फिर निकाय के। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने तंज कसते हुए कहा कि जब चुनाव के दिन हार होने लगती है तो आरोप के लिए कुछ रास्ते ढूंढ़े जाते हैं।

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