विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को सरकार ने सदन में चार अध्यादेश व 11 विधेयक पेश किए। भोजनावकाश के बाद नियम-58 में सभी विधायकों के प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण के साथ विपक्ष की तीखी बहस हुई।
विपक्ष ने पीठ पर आरोप लगाया कि विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है और सदन को सरकार के दबाव में संचालित किया जा रहा है। इस पर विस अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीठ पर इस तरह के आरोप नहीं लगा सकते हैं।
मंगलवार को सदन में प्रश्न काल के दौरान विपक्ष के तेवर शांत रहे। इसके बाद दिवंगत विधायक दिवाकर भट्ट, बलवीर सिंह नेगी व राजेश जवांठा के निधन पर सदन में पक्ष-विपक्ष ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी। भोजनावकाश के बाद संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल ने चार अध्यादेश व 11 विधेयक सदन के पटल पर रखे। इसके अलावा आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26, कैग की रिपोर्ट, सेवा का अधिकार आयोग, जैवि विविधता बोर्ड, लोक सेवा आयोग समेत अन्य निगमों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट पेश की गई।
नियम 58 में विपक्ष के कई विधायकों ने अलग-अलग मुद्दों के 310 में प्रस्ताव दिए थे। विधानसभा अध्यक्ष ने पांच विधायकों के प्रस्ताव स्वीकार किए। इसी बात पर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, विधायक प्रीतम सिंह समेत कांग्रेस विधायकों ने विरोध किया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सदन में विपक्ष को नहीं सुना जा रहा है। सरकार सदन नहीं चलाना चाहती है। सरकार के दबाव में सदन को चलाया जा रहा है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने आपत्ति जताते हुए कहा कि पीठ पर आरोप नहीं लगा सकते हैं। मेरा चार साल का रिकॉर्ड देखें कि विपक्ष को सुनने का कितना मौका दिया।








