व्यापार को आसान बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तराखंड जन विश्वास उपबंधों का संशोधन विधेयक में संशोधन कर कई कानूनों में सजा की अवधि कम कर जुर्माने की राशि बढ़ाई है। मंगलवार को संशोधन विधेयक सदन में पेश किया गया।
वहीं, उत्तराखंड लोक संपत्ति विरूपण निवारण अधिनियम की उपधारा-1 में एक वर्ष की सजा को तीन माह और जुर्माने राशि 10 हजार से बढ़ा कर 20 हजार रुपये किया है। उत्तर प्रदेश पाठ्य पुस्तक अधिनियम 1978 में धारा -8 में जुर्माना राशि अधिकतम 10 लाख रुपये तक करने का प्रावधान किया गया।







