देश के सबसे ऊंचे टिहरी बांध के साथ अब उत्तराखंड-हिमाचल का किशाऊ बांध देश का दूसरा सबसे ऊंचा और एशिया का 11वां सबसे ऊंचा बांध होगा। इसकी ऊंचाई 232 मीटर होगी। ताजिकिस्तान का निर्माणाधीन रोगुन बांध न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया का सबसे ऊंचा बांध है, जिसकी ऊंचाई 335 मीटर होने वाली है।
1985 में बनी थी पहली डीपीआर
वर्ष 2008 में किशाऊ बांध को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया। 1985 में इसकी पहली डीपीआर बनाई गई थी। वर्ष 2010 में परियोजना की डीपीआर दोबारा से तैयार हुई। परियोजना में उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाके की 1452 हेक्टेयर भूमि प्रभावित होगी। 1562 मिलियन क्यूबिक मीटर क्षमता का जलाशय होगा। किशाऊ बांध परियोजना को सरकार ने वर्ष 2008 में राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिया था। यह उत्तराखंड के देहरादून स्थित टोंस नदी और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के बीच तैयार होने वाली परियोजना है।
किशाऊ बांध परियोजना की डीपीआर केंद्र को भेज दी गई है। करीब 15 हजार करोड़ की है, जिसमें अभी बदलाव संभव है। अब केंद्र सरकार के स्तर से इस पर निर्णय होना है। उम्मीद है कि वर्ष 2035 तक किशाऊ से बिजली-पानी मिलना शुरू हो जाएगा। यह देश का दूसरा सबसे ऊंचा 232 मीटर का बांध होगा। – एके सिंह, एमडी, किशाऊ कॉरपोरेशन व यूजेवीएनएल








